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हर काम में वीरभद्र का नाम, हर जगह बनाए कॉलेज

Thu, 08 Jul 2021 10:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 10:54 PM IST
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Virbhadra's name in every work, colleges should be built everywhere,Big achievement of IIM, Medical College  Sirmour, new impetus for development of backward district
नाहन (सिरमौर)। छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह का सिरमौर से गहरा लगाव रहा है। जब भी वह यहां आए नई सौगात देकर गए। आईआईएम और मेडिकल कॉलेज सिरमौर के नाम ऐसी बड़ी उपलब्धि है, जिनकी शुरूआत उनके कार्यकाल में शुरू हुई थी। लड़कियों की शिक्षा को लेकर वह ज्यादा चिंतित रहते थे। दुर्गम इलाकों में स्कूल-कॉलेज इसी मकसद से खोले गए। सिरमौर के कुल 13 कॉलेजों में से 11 कॉलेज वीरभद्र के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान खुले। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए कॉलेजों में शिक्षारत विद्यार्थियों में 70 फीसदी संख्या छात्राओं की है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का यूं जाना सबको मर्माहत कर गया है। राजनीति से जुड़े नेता गमगीन हैं तो आम जनता शोक में है। वीरभद्र सिंह के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश में कई कार्य हुए हैं। सिरमौर की बात करें तो उनके कार्यकाल के दौरान यहां कई बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत हुई। कांग्रेसियों की मानें तो आईआईएम को सिरमौर में देने में भी वीरभद्र की अहम भूमिका रही, जबकि मेडिकल कॉलेज नाहन भी कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान ही स्वीकृत हुआ। इतना ही नहीं नाहन शहर के लिए खैरी से बनी पेयजल योजना उनके कार्यकाल में बनी तो वर्तमान में तैयार गिरि पेयजल योजना के लिए भी उनके कार्यकाल में ही बजट स्वीकृत हुआ था। हालांकि, योजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में हुआ और जयराम सरकार में यह योजना बनकर तैयार हुई। कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष एवं शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान कहते हैं कि उनकी मृत्यु से प्रदेश को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती। लड़कियों को शिक्षित करने करने पर वह जोर देते थे। पूर्व विधायक अजय बहादुर कहते हैं कि आईआईएम और मेडिकल कॉलेज उनके कार्यकाल की बड़ी परियोजनाएं हैं। इसके अलावा कई सड़कें और पुल उनके कार्यकाल में बने और कार्य शुरू हुए।
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पिछड़े सिरमौर के विकास को दी गति
हिमाचल प्रदेश के निर्माण के बाद से दशकों तक पिछड़ेपन का शिकार रहे जिला सिरमौर में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाई। सिरमौर के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वीरभद्र सिंह ने बीआरजीएफ प्रोजेक्ट शुरू करवाया। इस प्रोजेक्ट के तहत जिला सिरमौर में अनेकों योजनाएं शुरू कर विकास की एक अहम गाथा लिखी। इसी दौरान जिला सिरमौर में साक्षरता दर को बढ़ाने, स्कूल छोड़ चुके छात्रों और अनपढ़ लोगों को पढ़ाने के लिए डीपीईपी योजना तैयार की गई, जिससे जिला में साक्षरता बर में काफी वृद्धि हुई। वर्षों से स्कूल के भवन में चल रहे नाहन पीजी कॉलेज को आधुनिक भवन बनाकर भी पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिया। दिल्ली को पानी मिले, राजस्थान का सूखा खत्म हो, इसके लिए राजा वीरभद्र सिंह ने दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर श्री रेणुकाजी डेम प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में एक साथ ही दो ब्लॉक, दो तहसील व दो उपतहसील भी वीरभद्र सिंह ने ही जिला को दी थी। नाहन में ऑडिटोरियम का शिलान्यास 2017 में किया।
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