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Sirmour News: ओवरलोड ट्रकों से सड़क टूटने पर ग्रामीणों का चक्का जाम
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शमाह-पमता सडक की टारिंग तोडने के खिलाफ ट्रक रोककर चक्का जाम करते ग्रामीण। संवाद
तिलोरधार-शमाह-पमता सड़क की डेढ़ महीने में टारिंग क्षतिग्रस्त
दो घंटे तक रोके ट्रक, समाधान के आश्वासन पर हटाया जाम
माइन संचालकों ने गड्ढे भरने और पानी छिड़काव का किया वादा
सड़क बंद होने पर दर्जनों गांवों के लोगों को पैदल पहुंचना पड़ता है घर
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 2007 में बनाई थी सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। तिलोरधार-शमाह-पमता सड़क पर शनिवार को आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों ने चक्का जाम कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइन संचालकों की ओर से चलाए जा रहे ओवरलोड ट्रकों ने हाल ही में की टारिंग को तोड़ दिया है जिससे सड़क की स्थिति खस्ताहाल हो गई है। गांव पहुंचना कठिन हो गया है।
लोक निर्माण विभाग ने हाल में सड़क पर टारिंग करवाई थी। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास की माइनों से ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही से डेढ़ महीने के भीतर ही सड़क की टारिंग उखड़ गई। सड़क जगह-जगह गड्ढों में बदल गई है। इससे छोटे वाहनों का चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार सुबह सड़क पर चक्का जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक माइन संचालकों के ट्रकों को रोका गया और सड़क की दुर्दशा पर विरोध जताया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक माइन संचालक मौके पर आकर समाधान नहीं बताते, तब तक सड़क नहीं खोली जाएगी। बाद में माइन संचालकों ने सड़क की मरम्मत और धूल नियंत्रण के लिए पानी छिड़काव करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही चक्का जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया।
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शमाह गांव के मायाराम शर्मा, चूही राम, दयाराम, तुलाराम, लायक राम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि माइन संचालकों ने सड़क के गड्ढे भरने और धूल पर पानी छिड़कने के लिए टैंकर लगाने का वादा किया है। इसके बाद सड़क खोली गई।
बता दें कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यह सड़क वर्ष 2007 में निर्मित हुई थी। लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग से पांवटा विधानसभा के आंजभोज क्षेत्र को जोड़ा है। सड़क बंद होने की स्थिति में तिलोरधार विकासखंड की कई पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को पैदल चलकर ही गांव पहुंचना पड़ता है।
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दो घंटे तक रोके ट्रक, समाधान के आश्वासन पर हटाया जाम
माइन संचालकों ने गड्ढे भरने और पानी छिड़काव का किया वादा
सड़क बंद होने पर दर्जनों गांवों के लोगों को पैदल पहुंचना पड़ता है घर
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 2007 में बनाई थी सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। तिलोरधार-शमाह-पमता सड़क पर शनिवार को आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों ने चक्का जाम कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइन संचालकों की ओर से चलाए जा रहे ओवरलोड ट्रकों ने हाल ही में की टारिंग को तोड़ दिया है जिससे सड़क की स्थिति खस्ताहाल हो गई है। गांव पहुंचना कठिन हो गया है।
लोक निर्माण विभाग ने हाल में सड़क पर टारिंग करवाई थी। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास की माइनों से ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही से डेढ़ महीने के भीतर ही सड़क की टारिंग उखड़ गई। सड़क जगह-जगह गड्ढों में बदल गई है। इससे छोटे वाहनों का चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
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गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार सुबह सड़क पर चक्का जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक माइन संचालकों के ट्रकों को रोका गया और सड़क की दुर्दशा पर विरोध जताया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक माइन संचालक मौके पर आकर समाधान नहीं बताते, तब तक सड़क नहीं खोली जाएगी। बाद में माइन संचालकों ने सड़क की मरम्मत और धूल नियंत्रण के लिए पानी छिड़काव करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही चक्का जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया।
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शमाह गांव के मायाराम शर्मा, चूही राम, दयाराम, तुलाराम, लायक राम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि माइन संचालकों ने सड़क के गड्ढे भरने और धूल पर पानी छिड़कने के लिए टैंकर लगाने का वादा किया है। इसके बाद सड़क खोली गई।
बता दें कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यह सड़क वर्ष 2007 में निर्मित हुई थी। लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग से पांवटा विधानसभा के आंजभोज क्षेत्र को जोड़ा है। सड़क बंद होने की स्थिति में तिलोरधार विकासखंड की कई पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को पैदल चलकर ही गांव पहुंचना पड़ता है।