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Sirmour News: भूस्खलन से टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग बंद, लोग परेशान
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भूस्खलन से बंद हुआ टिटियाना-कोटापाब लिंक रोड। स्रोत: वीडियो
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/शिलाई/रोनहाट। सिरमौर के टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण मलबा आने से पूरी तरह से बंद हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और संपर्क मार्ग को जोड़ने वाली कंपनी की कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क को ठीक नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
स्थानीय निवासी मायाराम शर्मा के अनुसार, नेशनल हाईवे 707 पर काम कर रही निर्माण कंपनी की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों के कड़े विरोध के बावजूद, टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग को एनएच से मिला दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, अब यह सड़क आए दिन भूस्खलन की चपेट में आ जाती है और मलबा आने से बंद रहती है। बुधवार की सुबह भी इसी समस्या के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पहले भी उद्योग मंत्री, लोक निर्माण मंत्री और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को शिकायत पत्र भेजे जा चुके हैं। बावजूद इसके, संबंधित कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग को पहले की तरह सुरक्षित और दुरुस्त किया जाए। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो 25 गांवों के ग्रामीण फिर से सड़कों पर उतरकर कंपनी और सरकार के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।-- -- -- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/शिलाई/रोनहाट। सिरमौर के टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण मलबा आने से पूरी तरह से बंद हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और संपर्क मार्ग को जोड़ने वाली कंपनी की कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क को ठीक नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
स्थानीय निवासी मायाराम शर्मा के अनुसार, नेशनल हाईवे 707 पर काम कर रही निर्माण कंपनी की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों के कड़े विरोध के बावजूद, टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग को एनएच से मिला दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, अब यह सड़क आए दिन भूस्खलन की चपेट में आ जाती है और मलबा आने से बंद रहती है। बुधवार की सुबह भी इसी समस्या के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पहले भी उद्योग मंत्री, लोक निर्माण मंत्री और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को शिकायत पत्र भेजे जा चुके हैं। बावजूद इसके, संबंधित कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टिटियाना-कोटापाब संपर्क मार्ग को पहले की तरह सुरक्षित और दुरुस्त किया जाए। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो 25 गांवों के ग्रामीण फिर से सड़कों पर उतरकर कंपनी और सरकार के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।