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प्रभु की प्राप्ति है जीवन का महत्व : चित्रलेखा
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पांवटा साहिब के नगर परिषद खेल मैदान में श्रीमद्भागवत कथा शुरू
पहले दिन भक्ति, भजन, वैराग्य और जीवन के बताया महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मनुष्य जीवन का महत्व प्रभु की प्राप्ति और अच्छे कर्म करने में है। इस मानव जीवन को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। कम उम्र में भक्ति और वैराग्य अपनाने से जीवन में स्थिरता आती है। श्रीमद्भागवत कथा से अनुशासन, शांति, भक्ति और सद्भाव का संचार होता है। इसलिए श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य और आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होना आवश्यक है।
वीरवार को नगर परिषद खेल मैदान में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन की चित्रलेखा ने श्रद्धालुओं को कथा का रसास्वादन करवाया। 21 जनवरी तक चलने वाली कथा में उन्होंने भजनों जैसे सतगुरु हुए दयाल, तुम ही तो मेरे मात-पिता हो, करो श्यामा कृपा करो से लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया। चित्रलेखा ने कहा कि गुरु की नगरी में पहुंचकर कथा पाठ करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व की बात है। चित्रलेखा ने महिलाओं और युवाओं को जीवन में भक्ति के बीज बोने और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। साथ ही सुंदर भजनों और कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बनाया गया।
आयोजक श्री श्याम सखा मंडल पांवटा साहिब के सदस्य अरविंद बंसल, मयंक महावर, अतुल गुप्ता, गौरव खापड़ा, अंकित गुप्ता, अमित गोयल, रजनीश गुप्ता, अजय संसरवाल और रोहित सिंघल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में सैकड़ों भक्तों की भीड़ उमड़ी। इससे पंडाल छोटा लगने लगा। वीरवार को दोपहर एक बजे शुभारंभ अवसर पर विधायक सुखराम चौधरी और एसडीएम पांवटा साहिब जीएस चीमा ने पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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पहले दिन भक्ति, भजन, वैराग्य और जीवन के बताया महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मनुष्य जीवन का महत्व प्रभु की प्राप्ति और अच्छे कर्म करने में है। इस मानव जीवन को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। कम उम्र में भक्ति और वैराग्य अपनाने से जीवन में स्थिरता आती है। श्रीमद्भागवत कथा से अनुशासन, शांति, भक्ति और सद्भाव का संचार होता है। इसलिए श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य और आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होना आवश्यक है।
वीरवार को नगर परिषद खेल मैदान में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन की चित्रलेखा ने श्रद्धालुओं को कथा का रसास्वादन करवाया। 21 जनवरी तक चलने वाली कथा में उन्होंने भजनों जैसे सतगुरु हुए दयाल, तुम ही तो मेरे मात-पिता हो, करो श्यामा कृपा करो से लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया। चित्रलेखा ने कहा कि गुरु की नगरी में पहुंचकर कथा पाठ करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व की बात है। चित्रलेखा ने महिलाओं और युवाओं को जीवन में भक्ति के बीज बोने और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। साथ ही सुंदर भजनों और कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बनाया गया।
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आयोजक श्री श्याम सखा मंडल पांवटा साहिब के सदस्य अरविंद बंसल, मयंक महावर, अतुल गुप्ता, गौरव खापड़ा, अंकित गुप्ता, अमित गोयल, रजनीश गुप्ता, अजय संसरवाल और रोहित सिंघल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में सैकड़ों भक्तों की भीड़ उमड़ी। इससे पंडाल छोटा लगने लगा। वीरवार को दोपहर एक बजे शुभारंभ अवसर पर विधायक सुखराम चौधरी और एसडीएम पांवटा साहिब जीएस चीमा ने पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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