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Sirmour News: उच्च पाठशाला दिग्वा में शिक्षकों के पद रिक्त, विद्यार्थी परेशान
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स्कूल में दस सालों से टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल का पद रिक्त
ग्रामीणों में उपजा रोष, शिक्षक संगठनों ने भी रिक्त पदों को लेकर खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई की ग्राम पंचायत बिंडला दिग्वा स्थित राजकीय उच्च पाठशाला दिग्वा में करीब 10 वर्षों से टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पद रिक्त हैं। महत्वपूर्ण विषय के अध्यापकों के पद रिक्त होने से स्कूल में अध्ययनरत करीब 120 विद्यार्थियों का भविष्य गंभीर संकट में आ गया है।
विद्यालय में गणित और विज्ञान विषयों के अध्यापक न होने के कारण कई होनहार विद्यार्थी विज्ञान संकाय का चयन नहीं कर पाए, जबकि उनमें इस क्षेत्र में पढ़ाई करने की पूरी क्षमता और रुचि थी। विषय अध्यापकों के अभाव में बच्चों को मजबूरी में अन्य संकायों का चयन करना पड़ा, जिससे उनकी शैक्षणिक संभावनाओं पर सीधा असर पड़ा है।
लोगों का कहना है कि यह विद्यालय मुख्यत: गरीब व ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए शिक्षा का एकमात्र सहारा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विद्यार्थी बाहर के निजी या दूरस्थ स्कूलों में जाकर विज्ञान संकाय की पढ़ाई भी नहीं कर सकते। इस गंभीर समस्या पर न तो अब तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही सरकार की ओर से कोई ठोस कदम उठाया गया, जिससे अभिभावकों व विद्यार्थियों में गहरा रोष व्याप्त है।
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राजकीय अध्यापक संघ बकरास शिक्षा खंड के अध्यक्ष राय सिंह ने भी इस बारे में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से आग्रह किया है कि राजकीय उच्च पाठशाला दिग्वा में टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पद शीघ्र भरे जाएं, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक संगठन व अभिभावक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
उधर, पंचायत प्रधान रणसिंह ने पुष्टि की और बताया कि उद्योग मंत्री से भी कई बार इस बारे में विनती की जा चुकी है। उम्मीद है जल्द रिक्त पद भरे जाएंगे।
-- -- संवाद
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ग्रामीणों में उपजा रोष, शिक्षक संगठनों ने भी रिक्त पदों को लेकर खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई की ग्राम पंचायत बिंडला दिग्वा स्थित राजकीय उच्च पाठशाला दिग्वा में करीब 10 वर्षों से टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पद रिक्त हैं। महत्वपूर्ण विषय के अध्यापकों के पद रिक्त होने से स्कूल में अध्ययनरत करीब 120 विद्यार्थियों का भविष्य गंभीर संकट में आ गया है।
विद्यालय में गणित और विज्ञान विषयों के अध्यापक न होने के कारण कई होनहार विद्यार्थी विज्ञान संकाय का चयन नहीं कर पाए, जबकि उनमें इस क्षेत्र में पढ़ाई करने की पूरी क्षमता और रुचि थी। विषय अध्यापकों के अभाव में बच्चों को मजबूरी में अन्य संकायों का चयन करना पड़ा, जिससे उनकी शैक्षणिक संभावनाओं पर सीधा असर पड़ा है।
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लोगों का कहना है कि यह विद्यालय मुख्यत: गरीब व ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए शिक्षा का एकमात्र सहारा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विद्यार्थी बाहर के निजी या दूरस्थ स्कूलों में जाकर विज्ञान संकाय की पढ़ाई भी नहीं कर सकते। इस गंभीर समस्या पर न तो अब तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही सरकार की ओर से कोई ठोस कदम उठाया गया, जिससे अभिभावकों व विद्यार्थियों में गहरा रोष व्याप्त है।
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राजकीय अध्यापक संघ बकरास शिक्षा खंड के अध्यक्ष राय सिंह ने भी इस बारे में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से आग्रह किया है कि राजकीय उच्च पाठशाला दिग्वा में टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पद शीघ्र भरे जाएं, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक संगठन व अभिभावक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
उधर, पंचायत प्रधान रणसिंह ने पुष्टि की और बताया कि उद्योग मंत्री से भी कई बार इस बारे में विनती की जा चुकी है। उम्मीद है जल्द रिक्त पद भरे जाएंगे।