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कोरोना काल में कम रही एक्टिव केस फाइंडिंग दर, मरीज बढ़े
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में कोरोना काल के दौरान क्षय रोगियों की एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) दर कम रही। कोरोना बंदिशों के चलते अभियान में रोगियों के टेस्ट और काउंसलिंग नहीं हो पाई। निर्धारित लक्ष्य से 20.5 फीसदी कम मरीजों को जिला टीबी सेल क्षय रोगियों को खोज पाया और उन्हें उपचार दिया।
गौरतलब है कि कोरोना लहर के दौरान जिले में पाबंदियां लगाई गई। ऐसे में टीबी सेल की ओर से चलाए जा रहा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान नहीं चल पाया। केवल उन लोगों की जांच की गई, जो कोरोना के लक्षणों के चलते इलाज के लिए पहुंचे।
हालांकि वर्तमान में जिला टीबी सेल ने अब तक निर्धारित लक्ष्य से अधिक क्षय रोगियों को खोजकर उन्हें उपचार दिया है। अभी तक 450 से अधिक लोगों में क्षय रोग के लक्षण पाए गए हैं। उधर, टीबी सेल ने जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में एसीएफ अभियान चलाया है। इसमें संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर खांसी के लक्षणों वाले लोगों के थूक के नमूने एकत्रित कर उन्हें प्रयोगशाला भेज रही है। साथ ही लोगों को बलगम जांच के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।
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गौरतलब है कि वर्तमान में सिरमौर जिले में लगभग 1169 के करीब क्षय रोगी विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से उपचार करवा रहे हैं। इनमें 944 के करीब रोगी जिले के हैं, जबकि 225 के आसपास रोगी बाहरी जिला के उपचार ले रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वीना सांगल ने बताया कि सिरमौर जिले में क्षय रोगियों के एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान अभियान में काफी कमी आई, जिसके चलते निर्धारित लक्ष्य से 20.5 फीसदी रोगियों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस अभियान को बढ़ाया गया। साथ ही लोगों को बलगम जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अभियान में आशा कार्यकर्ताओं को सहयोग करें।
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नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में कोरोना काल के दौरान क्षय रोगियों की एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) दर कम रही। कोरोना बंदिशों के चलते अभियान में रोगियों के टेस्ट और काउंसलिंग नहीं हो पाई। निर्धारित लक्ष्य से 20.5 फीसदी कम मरीजों को जिला टीबी सेल क्षय रोगियों को खोज पाया और उन्हें उपचार दिया।
गौरतलब है कि कोरोना लहर के दौरान जिले में पाबंदियां लगाई गई। ऐसे में टीबी सेल की ओर से चलाए जा रहा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान नहीं चल पाया। केवल उन लोगों की जांच की गई, जो कोरोना के लक्षणों के चलते इलाज के लिए पहुंचे।
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हालांकि वर्तमान में जिला टीबी सेल ने अब तक निर्धारित लक्ष्य से अधिक क्षय रोगियों को खोजकर उन्हें उपचार दिया है। अभी तक 450 से अधिक लोगों में क्षय रोग के लक्षण पाए गए हैं। उधर, टीबी सेल ने जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में एसीएफ अभियान चलाया है। इसमें संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर खांसी के लक्षणों वाले लोगों के थूक के नमूने एकत्रित कर उन्हें प्रयोगशाला भेज रही है। साथ ही लोगों को बलगम जांच के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।
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गौरतलब है कि वर्तमान में सिरमौर जिले में लगभग 1169 के करीब क्षय रोगी विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से उपचार करवा रहे हैं। इनमें 944 के करीब रोगी जिले के हैं, जबकि 225 के आसपास रोगी बाहरी जिला के उपचार ले रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वीना सांगल ने बताया कि सिरमौर जिले में क्षय रोगियों के एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान अभियान में काफी कमी आई, जिसके चलते निर्धारित लक्ष्य से 20.5 फीसदी रोगियों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस अभियान को बढ़ाया गया। साथ ही लोगों को बलगम जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अभियान में आशा कार्यकर्ताओं को सहयोग करें।