{"_id":"6ad4b8ddbe24c747b708c97a","slug":"sujits-bail-plea-rejected-in-1254-kg-charas-cannabis-resin-smuggling-case-nahan-news-c-177-1-nhn1001-191923-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: 1.254 किलो चरस तस्करी मामले में सुजीत की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: 1.254 किलो चरस तस्करी मामले में सुजीत की जमानत याचिका खारिज
Mon, 19 Oct 2026 12:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:45 PM IST
विज्ञापन
अदालत-7
नाहन। सिरमौर जिले की विशेष न्यायाधीश-द्वितीय विवेक खनाल की अदालत ने चरस तस्करी के मामले में आरोपी सुजीत की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की बेहट तहसील के गांव चक खिजरपुर का निवासी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2 जनवरी 2025 को पुलिस ने माजरा चौक के समीप नाकेबंदी के दौरान एक बाइक को रोककर तलाशी ली। बाइक पर आरोपी सुजीत और उसका भाई अंकित सवार थे। तलाशी के दौरान अंकित के बैग से 1.254 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इस मामले में पुलिस थाना माजरा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 25 और 29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी एक साल नौ महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है और मामले में अधिकांश गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इन आधारों पर आरोपी की जमानत मांगी गई। वहीं, अभियोजन पक्ष ने बरामद चरस की मात्रा को व्यावसायिक मात्रा बताते हुए जमानत याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाहन। सिरमौर जिले की विशेष न्यायाधीश-द्वितीय विवेक खनाल की अदालत ने चरस तस्करी के मामले में आरोपी सुजीत की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की बेहट तहसील के गांव चक खिजरपुर का निवासी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2 जनवरी 2025 को पुलिस ने माजरा चौक के समीप नाकेबंदी के दौरान एक बाइक को रोककर तलाशी ली। बाइक पर आरोपी सुजीत और उसका भाई अंकित सवार थे। तलाशी के दौरान अंकित के बैग से 1.254 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इस मामले में पुलिस थाना माजरा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 25 और 29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी एक साल नौ महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है और मामले में अधिकांश गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इन आधारों पर आरोपी की जमानत मांगी गई। वहीं, अभियोजन पक्ष ने बरामद चरस की मात्रा को व्यावसायिक मात्रा बताते हुए जमानत याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन