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निजी स्कूलों की तर्ज पर प्री-प्राइमरी में बच्चे बिना स्टाफ कैसे सीखेंगे एबीसी

Mon, 31 Jan 2022 11:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jan 2022 11:36 PM IST
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students of govt. pre primary school  facing problem due to shortage of teachers in sirmaur district
नाहन के प्री प्राइमरी स्कूल के दरवाजे और दीवारों पर उकेरी शिक्षाप्रद पेंटिंग। - फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। सरकार ने प्री-प्राइमरी स्कूल तो खोल दिए हैं, जहां नौनिहालों को निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी लेकिन अभी तक बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार ने विशेष स्टाफ तैनात नहीं किया है। यह अलग बात है कि बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा हर प्राथमिक स्कूल के एक शिक्षक को सौंपा है, जिन्हें इसको लेकर प्रशिक्षण दिया है। फिर भी प्री-प्राइमरी स्कूलों में अलग स्टाफ की जरूरत है।
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अभी सरकार ने एनटीटी तैनात नहीं किए हैं। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी प्री-प्राइमरी स्कूलों में तैनाती की मांग पर अड़ी हैं। कई प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ भी कम है। बहरहाल, सिरमौर जिला में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 249 प्री-प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं। इनमें से 197 स्कूल भारत सरकार और 52 स्कूल स्ट्रेंथनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्टस फॉर स्टेट (स्टारस) प्रोजेक्ट के तहत कार्यान्वित हैं।
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वर्तमान में जिले में तीन से छह वर्ष की आयु के लगभग 2400 नौनिहालों का नामांकन हो चुका है। हालांकि कोरोना बंदिशों के चलते स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद हैं लेकिन ऑनलाइन माध्यम से इनकी पढ़ाई चल रही है। प्राथमिक पाठशालाओं के साथ इन प्री-प्राइमरी स्कूलों को जोड़ा गया है। प्राथमिक स्कूल भवन में एक कमरा नौनिहालों के लिए रखा गया है। इसमें फर्नीचर, पढ़ाई का सामान, खिलौने, कमरे की दीवारों पर शिक्षाप्रद पेंटिंग के साथ अन्य शिक्षण सामग्री रखी गई हैं। जिस प्राथमिक विद्यालय में प्री-प्राइमरी स्कूल चल रहा है, वहां के एक अध्यापक को इन बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक प्री-प्राइमरी स्कूल में शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए 60 से 65 हजार रुपये की राशि दी गई है। इनमें मुख्य रूप से फर्नीचर के लिए 15 हजार और टीएलएम के लिए दस हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। वर्ष 2020-21 में 34 लाख 20 हजार और वर्ष 2021-22 में 36 लाख 10 हजार 690 रुपये का बजट इन स्कूलों के लिए आवंटित किया गया।
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी ऋषिपाल शर्मा ने बताया कि जिला सिरमौर जिला में 249 प्री प्राइमरी स्कूलों चल रहे हैं। स्टाफ की तैनाती पर सरकार फैसला लेगी। फिलहाल, अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

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14 शिक्षा खंडों में चल रहे हैं 249 प्री-प्राइमरी
जिला सिरमौर शिक्षा विभाग के 14 शिक्षा खंडों में ये प्री-प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं। इनमें बकरास शिक्षा खंड में 15, नाहन में 21, पांवटा साहिब में 25, सराहां में 11, शिलाई में 23, सुरला में 16, नारग में 14, कफोटा में 17, नौहराधार में 12, सतौन में 18, संगड़ाह में 19, ददाहू में 12, राजगढ़ में 18 और माजरा में 28 प्री प्राइमरी स्कूल शामिल हैं।
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