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सिरमौर: गिरफ्तारी के बाद रुमित ठाकुर रिहा, एएसपी-डीएसपी पर मांगी कार्रवाई
Mon, 07 Feb 2022 09:01 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 07 Feb 2022 09:01 PM IST
सार
शनिवार को दलित शोषण मुक्ति मंच ने एसपी सिरमौर को एक पत्र सौंपा था, जिसमें सोशल मीडिया पर दलित वर्ग को धमकाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद देर रात नाहन पुलिस ने रूमित ठाकुर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया।
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रूमित ठाकुर गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से जमानत पर रिहा
- फोटो : संवाद
विस्तार
देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रुमित ठाकुर गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद सोमवार दोपहर बाद अदालत से रिहा हो गए। इसके बाद मामला शांत हो पाया। दरअसल, पुलिस ने रुमित को दलित शोषण मुक्ति मंच की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। मंच ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी थी। गिरफ्तारी की भनक लगते ही सवर्ण समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह 10 बजे नाहन पहुंचे और सदर थाने का घेराव कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी रुमित की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। दोपहर बाद रुमित की अदालत से रिहाई के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। आईजी हिमांशु मिश्रा भी नाहन पहुंचे थे।
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उधर, रिहाई के बाद मीडिया के समक्ष रुमित ठाकुर ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और न्यायाधीश पर पूरा विश्वास है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने किसके दबाव में आकर रात को साढ़े 10 बजे उन्हें घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी सोमवार सुबह 9 बजे की दिखाई। वह कोई आतंकवादी नहीं हैं। संविधान के तहत सभी अपनी आवाज उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। जिस तरीके से उनकी गिरफ्तारी की गई, वह गैर कानूनी है। एक शिकायत के आधार पर उन पर झूठा एट्रोसिटी का मुकदमा लगाया गया। अपने समाज की बात करना कोई गुनाह नहीं है।
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वह सवर्ण समाज की बात हमेशा करेंगे। आरोप लगाया कि एएसपी सिरमौर और डीएसपी संगड़ाह को जवाब देना पड़ेगा कि किसके दबाव में आकर उन्होंने कार्रवाई की। उन्होंने दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी मांगी। रिहाई के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी चौगान मैदान में एकत्रित हुए। जहां रुमित ने कहा कि सवर्ण समाज प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। एएसपी सिरमौर बबिता राणा ने बताया कि शिकायत पर आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अदालत से आरोपी को रिहा कर दिया है।
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यह रही गिरफ्तारी की वजह
गत शनिवार को दलित शोषण मुक्ति मंच ने एसपी सिरमौर को एक पत्र सौंपा था, जिसमें सोशल मीडिया पर कोटीधिमान पंचायत के एक मामले में दलित वर्ग को धमकाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद देर रात नाहन पुलिस ने रुमित को गिरफ्तार किया। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया।