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Sirmour News: एक मृत अंगदाता आठ लोगों को दे सकता है नया जीवन
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मेडिकल कॉलेज में आयोजित जागरूता कार्यक्रम में सोटो के पदाधिकारी को सम्मानित करतीं प्रधानाचार्
-मेडिकल कॉलेज में भावी डॉक्टरों को दिया अंगदान का संदेश
-सोटो की ओर से अंगदान जीवन संजीवनी अभियान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) हिमाचल प्रदेश की ओर से सोमवार को मेडिकल कॉलेज नाहन में अंगदान जीवन संजीवनी अभियान-2026 के तहत एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी चिकित्सकों को अंगदान की वैज्ञानिक, कानूनी एवं नैतिक प्रक्रियाओं की जानकारी देकर समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम से पहले सोटो की टीम ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीत ढिल्लों से मुलाकात की। इस दौरान अभियान की रूपरेखा और मेडिकल कॉलेजों की भूमिका पर चर्चा की गई। राज्य प्रत्यारोपण समन्वयक नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को ब्रेन स्टेम डेथ, अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण की प्रक्रिया, कानूनी प्रावधान और प्रत्यारोपण समन्वयक की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक मृत अंगदाता अपने अंगों से आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है, जबकि ऊतकदान से कई अन्य मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
आईईसी एवं मीडिया सलाहकार रामेश्वरी ने अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों और तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से भविष्य में समाज को जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान किया। वहीं जीएनएम छात्राओं को अंगदान एवं नेत्रदान अभियान में नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम में शैक्षणिक समन्वयक डॉ. अर्चना, सर्जरी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. पुनीत जैन, डॉ. शालू गुप्ता और डॉ. रविकांत आदि मौजूद रहे।-- -- -- -- --
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-सोटो की ओर से अंगदान जीवन संजीवनी अभियान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) हिमाचल प्रदेश की ओर से सोमवार को मेडिकल कॉलेज नाहन में अंगदान जीवन संजीवनी अभियान-2026 के तहत एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी चिकित्सकों को अंगदान की वैज्ञानिक, कानूनी एवं नैतिक प्रक्रियाओं की जानकारी देकर समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम से पहले सोटो की टीम ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीत ढिल्लों से मुलाकात की। इस दौरान अभियान की रूपरेखा और मेडिकल कॉलेजों की भूमिका पर चर्चा की गई। राज्य प्रत्यारोपण समन्वयक नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को ब्रेन स्टेम डेथ, अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण की प्रक्रिया, कानूनी प्रावधान और प्रत्यारोपण समन्वयक की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक मृत अंगदाता अपने अंगों से आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है, जबकि ऊतकदान से कई अन्य मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
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आईईसी एवं मीडिया सलाहकार रामेश्वरी ने अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों और तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से भविष्य में समाज को जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान किया। वहीं जीएनएम छात्राओं को अंगदान एवं नेत्रदान अभियान में नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम में शैक्षणिक समन्वयक डॉ. अर्चना, सर्जरी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. पुनीत जैन, डॉ. शालू गुप्ता और डॉ. रविकांत आदि मौजूद रहे।

मेडिकल कॉलेज में आयोजित जागरूता कार्यक्रम में सोटो के पदाधिकारी को सम्मानित करतीं प्रधानाचार्