{"_id":"6a537c20ebe398c3e20ed011","slug":"shant-mahaygya-in-bijat-maharaj-temple-thanadhaar-nahan-news-c-177-1-ssml1028-183183-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: बिजट महाराज मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद कुरुड़ की स्थापना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: बिजट महाराज मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद कुरुड़ की स्थापना
विज्ञापन
थानाधार में नवनिर्मित बिजट देवता मंदिर। संवाद
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। ग्राम पंचायत भूईरा के थानाधार गांव के बिजट महाराज मंदिर में शांत महायज्ञ श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद नए मंदिर में प्रातः कुरुड़ स्थापना की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। महायज्ञ के समापन के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। पूर्व प्रधान इंद्रपाल ठाकुर ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से बिजट महाराज मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद नए भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। परंपरा के अनुसार बिजट महाराज की देव स्नान यात्रा थानाधार से चूड़धार के लिए निकाली गई।
यात्रा का पहला रात्रि विश्राम बंगापानी में हुआ, जिसे बिजट महाराज का जन्मस्थल माना जाता है। इसके बाद यात्रा चूड़धार पहुंची, जहां सुबह वैदिक रीति व विधि-विधान के अनुसार देव स्नान करवाया गया। देव स्नान के बाद यात्रा वापिस थानाधार पहुंची। सुबह सबसे पहले मंदिर का शुद्धिकरण किया। इसके उपरांत मंदिर के शिखर पर धार्मिक परंपरा के अनुसार कुरुड़ की स्थापना की गई। इसके स्थापित होने के बाद बिजट महाराज का विधिवत मंदिर में प्रवेश करवाया गया।-- -- -- -- -- -
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। ग्राम पंचायत भूईरा के थानाधार गांव के बिजट महाराज मंदिर में शांत महायज्ञ श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद नए मंदिर में प्रातः कुरुड़ स्थापना की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। महायज्ञ के समापन के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। पूर्व प्रधान इंद्रपाल ठाकुर ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से बिजट महाराज मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद नए भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। परंपरा के अनुसार बिजट महाराज की देव स्नान यात्रा थानाधार से चूड़धार के लिए निकाली गई।
यात्रा का पहला रात्रि विश्राम बंगापानी में हुआ, जिसे बिजट महाराज का जन्मस्थल माना जाता है। इसके बाद यात्रा चूड़धार पहुंची, जहां सुबह वैदिक रीति व विधि-विधान के अनुसार देव स्नान करवाया गया। देव स्नान के बाद यात्रा वापिस थानाधार पहुंची। सुबह सबसे पहले मंदिर का शुद्धिकरण किया। इसके उपरांत मंदिर के शिखर पर धार्मिक परंपरा के अनुसार कुरुड़ की स्थापना की गई। इसके स्थापित होने के बाद बिजट महाराज का विधिवत मंदिर में प्रवेश करवाया गया।
विज्ञापन