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Sirmour News: दुल्हन नहीं पहनेगी महंगे आभूषण, 10 वाहन ही बारात में जाएंगे
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ग्राम पंचायत सखौली की बैठक में भाग लेते ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधि। स्रोत ग्रामीण।
सखौली पंचायत ने लिया बड़ा फैसला, शादी की नई परंपरा में खर्च होगा कम और संस्कार ज्यादा
-- विवाह में सगा मामा ही निभाएगा पारंपरिक रस्में
-नियम तोड़ने पर लगेगा 51 हजार जुर्माना, सामाजिक बहिष्कार का भी प्रावधान
-दुल्हन के आभूषण से लेकर बारात के वाहनों तक तय हुई सीमा, मामा खर्च और कई रस्में खत्म
-शराब पर फिलहाल नहीं लगी रोक, इसपर लोग उठा रहे सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। तिलोरधार विकासखंड की ग्राम पंचायत सखौली ने बढ़ती महंगाई और सामाजिक आयोजनों में हो रही फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए शादी से जुड़ी कई पारंपरिक रस्मों में बदलाव का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पंचायत प्रधान कमलेश कुमार और उपप्रधान सुरेंद्र की मौजूदगी में आयोजित विशेष ग्राम सभा में सर्वसम्मति से कई नए नियम लागू करने का फैसला लिया गया। साथ ही इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। ग्राम सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार अब विवाह के दौरान दुल्हन महंगे आभूषण नहीं पहनेगी। विवाह की रस्में केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली और कानों के झुमकों के साथ संपन्न कराई जाएंगी।
पंचायत का मानना है कि इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ नहीं पड़ेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि अब मामा अपने भांजे की शादी में पहले की तरह बकरा या अन्य महंगे उपहार नहीं देगा। इसके अलावा मामा के साथ बड़ी संख्या में लोगों के जाने की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है। अब केवल वास्तविक (सगा) मामा ही विवाह समारोह में जाकर पारंपरिक रस्मों का निर्वहन करेगा।
ग्राम सभा ने सगाई के बाद माश खाने की परंपरा और विवाह के तीसरे दिन होने वाले पुलटोज (गेरनू-फेरनू) की रस्म को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। पंचायत का मानना है कि इन परंपराओं में समय और धन दोनों की अनावश्यक बर्बादी होती है। यातायात और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करने के लिए पंचायत ने बारात में वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी है। अब किसी भी विवाह में अधिकतम 10 वाहन ही बारात के साथ ले जाए जा सकेंगे।
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पंचायत प्रधान कमलेश कुमार ने बताया कि बढ़ती महंगाई, समय की बचत और सामाजिक समानता को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा ने इन निर्णयों को सर्वसम्मति से पारित किया है। उन्होंने कहा कि इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पंचायत ने सख्त प्रावधान भी किए हैं। यदि कोई व्यक्ति इन निर्णयों का उल्लंघन करता है तो उससे 51 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा उसे पूरी पंचायत को भोज भी देना होगा।-- -- --
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-नियम तोड़ने पर लगेगा 51 हजार जुर्माना, सामाजिक बहिष्कार का भी प्रावधान
-दुल्हन के आभूषण से लेकर बारात के वाहनों तक तय हुई सीमा, मामा खर्च और कई रस्में खत्म
-शराब पर फिलहाल नहीं लगी रोक, इसपर लोग उठा रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। तिलोरधार विकासखंड की ग्राम पंचायत सखौली ने बढ़ती महंगाई और सामाजिक आयोजनों में हो रही फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए शादी से जुड़ी कई पारंपरिक रस्मों में बदलाव का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पंचायत प्रधान कमलेश कुमार और उपप्रधान सुरेंद्र की मौजूदगी में आयोजित विशेष ग्राम सभा में सर्वसम्मति से कई नए नियम लागू करने का फैसला लिया गया। साथ ही इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। ग्राम सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार अब विवाह के दौरान दुल्हन महंगे आभूषण नहीं पहनेगी। विवाह की रस्में केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली और कानों के झुमकों के साथ संपन्न कराई जाएंगी।
पंचायत का मानना है कि इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ नहीं पड़ेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि अब मामा अपने भांजे की शादी में पहले की तरह बकरा या अन्य महंगे उपहार नहीं देगा। इसके अलावा मामा के साथ बड़ी संख्या में लोगों के जाने की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है। अब केवल वास्तविक (सगा) मामा ही विवाह समारोह में जाकर पारंपरिक रस्मों का निर्वहन करेगा।
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ग्राम सभा ने सगाई के बाद माश खाने की परंपरा और विवाह के तीसरे दिन होने वाले पुलटोज (गेरनू-फेरनू) की रस्म को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। पंचायत का मानना है कि इन परंपराओं में समय और धन दोनों की अनावश्यक बर्बादी होती है। यातायात और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करने के लिए पंचायत ने बारात में वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी है। अब किसी भी विवाह में अधिकतम 10 वाहन ही बारात के साथ ले जाए जा सकेंगे।
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पंचायत प्रधान कमलेश कुमार ने बताया कि बढ़ती महंगाई, समय की बचत और सामाजिक समानता को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा ने इन निर्णयों को सर्वसम्मति से पारित किया है। उन्होंने कहा कि इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पंचायत ने सख्त प्रावधान भी किए हैं। यदि कोई व्यक्ति इन निर्णयों का उल्लंघन करता है तो उससे 51 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा उसे पूरी पंचायत को भोज भी देना होगा।

ग्राम पंचायत सखौली की बैठक में भाग लेते ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधि। स्रोत ग्रामीण।