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Sirmour News: विजिलेंस ब्यूरो को आरटीआई के दायरे से बाहर करने के फैसले पर जताया विरोध
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पांवटा साहिब में आरटीआई एक्टिविस्ट की बैठक में भाग लेते पदाधिकारी। स्रोत संगठन
-पांवटा साहिब में आरटीआई एक्टिविस्ट की बैठक में हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। आरटीआई एक्टिविस्ट पांवटा साहिब की बैठक महाराजा अग्रसेन चौक पर स्थित आरटीआई कार्यालय में चतर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सरकार की ओर से हिमाचल विजिलेंस ब्यूरो को आरटीआई के दायरे से बाहर करने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
बैठक में इसके अलावा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यकर्ता ने बताया कि नगर पालिका पांवटा साहिब को आरटीआई के माध्यम से शिकायत की थी कि उनके पड़ोसी ने अपने मकान की खिड़की गलत तरीके से लगाई है। इसे हटाने के लिए की गई कार्रवाई पर जब पूछा गया तो उन्हें मिले पत्र में लिखा गया कि उपरोक्त मकान मालिक को गलत तरीके से लगी खिड़की को हटाने के आदेश मौखिक रूप से दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग कोई भी मौखिक नहीं होता उसे लिखित में ही जवाब देना होता है। ऐसे में नगर परिषद अपनी जिम्मेवारी से बचना चाहती है।
कार्यकर्ता एवं उपभोक्ता ने कहा कि उनके घर में वर्ष 2007-08 में लगा बिजली का मीटर बिजली बोर्ड का नहीं है, यह बात विद्युत बोर्ड पांवटा साहिब के सहायक अभियंता की ओर से कही गई थी, लेकिन जब उन्होंने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो यह मीटर बिजली बोर्ड का ही साबित हुआ है।
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इस मौके पर चतर सिंह चौधरी, विजय गोयल, एनडी सरीन, शांति स्वरूप गुप्ता, टीसी गुप्ता, सरिता गर्ग, हरशरण शर्मा आदि मौजूद थे।
संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। आरटीआई एक्टिविस्ट पांवटा साहिब की बैठक महाराजा अग्रसेन चौक पर स्थित आरटीआई कार्यालय में चतर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सरकार की ओर से हिमाचल विजिलेंस ब्यूरो को आरटीआई के दायरे से बाहर करने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
बैठक में इसके अलावा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यकर्ता ने बताया कि नगर पालिका पांवटा साहिब को आरटीआई के माध्यम से शिकायत की थी कि उनके पड़ोसी ने अपने मकान की खिड़की गलत तरीके से लगाई है। इसे हटाने के लिए की गई कार्रवाई पर जब पूछा गया तो उन्हें मिले पत्र में लिखा गया कि उपरोक्त मकान मालिक को गलत तरीके से लगी खिड़की को हटाने के आदेश मौखिक रूप से दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग कोई भी मौखिक नहीं होता उसे लिखित में ही जवाब देना होता है। ऐसे में नगर परिषद अपनी जिम्मेवारी से बचना चाहती है।
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कार्यकर्ता एवं उपभोक्ता ने कहा कि उनके घर में वर्ष 2007-08 में लगा बिजली का मीटर बिजली बोर्ड का नहीं है, यह बात विद्युत बोर्ड पांवटा साहिब के सहायक अभियंता की ओर से कही गई थी, लेकिन जब उन्होंने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो यह मीटर बिजली बोर्ड का ही साबित हुआ है।
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इस मौके पर चतर सिंह चौधरी, विजय गोयल, एनडी सरीन, शांति स्वरूप गुप्ता, टीसी गुप्ता, सरिता गर्ग, हरशरण शर्मा आदि मौजूद थे।
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