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Sirmour News: औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में नहीं बन पाई पार्किंग
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कालआंब में सड़कों के किनारे खड़े वाहन। संवाद
अभियान : पार्किंग का पंगा-8
सड़कों के दोनों तरफ पार्क हो रहे ट्रक-ट्राले, यातायात हो रहा प्रभावित
ट्रांसपोर्ट नगर योजना भी 15 सालों से पड़ी है ठंडे बस्ते में
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। हरियाणा की सीमा से सटे जिले का कस्बा कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र तो बन गया लेकिन यहां के लिए आज तक पार्किंग की कोई योजना नहीं बन पाई है। आलम यह है कि सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़कों के दोनों तरफ खड़े किए जा रहे हैं।
क्षेत्र में करीब 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। यहां रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन आवाजाही करते हैं। कालाअंब में रोजाना 200 से 250 माल वाहक वाहनों की आवाजाही होती है, जबकि 600 से ज्यादा वाहन यहां-वहां सड़कों के किनारे या खाली जगहों पर खड़े रहते हैं। पार्किंग स्थल के अभाव में सुनसान जगहों पर खड़े वाहनों में चोरी की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं।
कालाअंब में छोटे निजी वाहनों की संख्या करीब 3000 बताई जा रही है। ये वाहन हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब में पंजीकृत हैं और कालाअंब क्षेत्र में चल रहे हैं। बावजूद इसके वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने के लिए एक भी निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं है।
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15 सालों से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की योजना अधर में
करीब डेढ़ दशक पहले कालाअंब में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना बनाई गई थी। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग अव्यवस्था पर नियंत्रण होगा, लेकिन सरकार को उपयुक्त भूमि न मिलने के कारण यह योजना प्रारंभ होने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई। आज स्थिति यह है कि ट्रकों, टेंपो, पिकअप व अन्य भारी वाहनों को मजबूरन सड़क किनारे, गलियों और संकरे मार्गों पर पार्क करना पड़ रहा है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। सुबह-शाम ट्रैफिक जाम तक की समस्या हो रही है।
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उद्योगपति भी परेशान
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और उद्योगपतियों में लघु उद्योग भारती फार्मा विंग के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंगला, रमेश गोयल, मोहित, मनोज गर्ग, राजेश भालोटिआ, रजनीश और हर्ष ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर और संगठित पार्किंग की अनुपलब्धता से औद्योगिक क्षेत्र में भारी परेशानी हो रही है। सड़कों के किनारे खड़े वाहनों से पैदल चलने वालों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। ट्रक समय पर लोडिंग-अनलोडिंग प्वाइंट तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो रही है। संगठित पार्किंग स्थल के अभाव में वाहनों को सड़कों के किनारे खड़े रखना मजबूरी बनी हुई है। उद्योग संगठनों ने सरकार से मांग की है कि कालाअंब जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के लिए शीघ्र उचित भूमि चिह्नित कर ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया जाए।
उधर विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में पार्किंग सुविधा को लेकर उद्योग विभाग के साथ मिलकर योजना बनाई जाएगी।
संवाद
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सड़कों के दोनों तरफ पार्क हो रहे ट्रक-ट्राले, यातायात हो रहा प्रभावित
ट्रांसपोर्ट नगर योजना भी 15 सालों से पड़ी है ठंडे बस्ते में
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। हरियाणा की सीमा से सटे जिले का कस्बा कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र तो बन गया लेकिन यहां के लिए आज तक पार्किंग की कोई योजना नहीं बन पाई है। आलम यह है कि सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़कों के दोनों तरफ खड़े किए जा रहे हैं।
क्षेत्र में करीब 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। यहां रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन आवाजाही करते हैं। कालाअंब में रोजाना 200 से 250 माल वाहक वाहनों की आवाजाही होती है, जबकि 600 से ज्यादा वाहन यहां-वहां सड़कों के किनारे या खाली जगहों पर खड़े रहते हैं। पार्किंग स्थल के अभाव में सुनसान जगहों पर खड़े वाहनों में चोरी की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं।
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कालाअंब में छोटे निजी वाहनों की संख्या करीब 3000 बताई जा रही है। ये वाहन हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब में पंजीकृत हैं और कालाअंब क्षेत्र में चल रहे हैं। बावजूद इसके वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने के लिए एक भी निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं है।
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15 सालों से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की योजना अधर में
करीब डेढ़ दशक पहले कालाअंब में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना बनाई गई थी। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग अव्यवस्था पर नियंत्रण होगा, लेकिन सरकार को उपयुक्त भूमि न मिलने के कारण यह योजना प्रारंभ होने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई। आज स्थिति यह है कि ट्रकों, टेंपो, पिकअप व अन्य भारी वाहनों को मजबूरन सड़क किनारे, गलियों और संकरे मार्गों पर पार्क करना पड़ रहा है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। सुबह-शाम ट्रैफिक जाम तक की समस्या हो रही है।
उद्योगपति भी परेशान
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और उद्योगपतियों में लघु उद्योग भारती फार्मा विंग के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंगला, रमेश गोयल, मोहित, मनोज गर्ग, राजेश भालोटिआ, रजनीश और हर्ष ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर और संगठित पार्किंग की अनुपलब्धता से औद्योगिक क्षेत्र में भारी परेशानी हो रही है। सड़कों के किनारे खड़े वाहनों से पैदल चलने वालों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। ट्रक समय पर लोडिंग-अनलोडिंग प्वाइंट तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो रही है। संगठित पार्किंग स्थल के अभाव में वाहनों को सड़कों के किनारे खड़े रखना मजबूरी बनी हुई है। उद्योग संगठनों ने सरकार से मांग की है कि कालाअंब जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के लिए शीघ्र उचित भूमि चिह्नित कर ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया जाए।
उधर विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में पार्किंग सुविधा को लेकर उद्योग विभाग के साथ मिलकर योजना बनाई जाएगी।
संवाद

कालआंब में सड़कों के किनारे खड़े वाहन। संवाद