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Sirmour News: मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन और बाल ओपीडी 250 के पार पहुंची
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मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में इंतजार करते मरीज। संवाद
लाइव-- -
अस्पताल में उपचार को पहुंचे रहे सांस, सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज
मौसम में परिवर्तन ने बढ़ाई परेशानी, बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। लंबे अरसे से बारिश न होने और मौसम परिवर्तन से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की समस्याओं से जूझ रहे मरीज अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन में ऐसे रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
दरअसल, बीते एक सप्ताह से मौसम में आए बदलाव के चलते लोगों को संक्रमण, वायरल, सर्दी खांसी ने जकड़ लिया है। मेडिकल कॉलेज नाहन में जनरल मेडिसिन और बाल ओपीडी 250 के पार चल रही है। मंगलवार को 279 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें अधिकतर मरीज सर्दी, खांसी और बुखार के हैं। मरीजों में अधिकतर बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
सुबह और शाम ठंड है, जबकि दिन में धूप खिलती है। ऐसे में सर्द-गर्म होने के चलते लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जनरल मेडिसिन ओपीडी में कई मर्तबा चिकित्सकों को शाम 6:30 बजे तक सेवाएं देनी पड़ रही है। बुजुर्गों में सांस की दिक्कत, तो बच्चे खांसी, छाती जमने, बुखार और संक्रमण शिकायत के चलते उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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समय सुबह 10:30 बजे। स्थान मेडिकल कॉलेज नाहन की जनरल मेडिसिन ओपीडी। कक्ष के बाहर मरीजों की उपचार के लिए लंबी कतार लगी थी। नेहरस्वार के राकेश ने बताया कि उन्हें तीन दिन से बुखार और जुकाम की शिकायत है। पहले स्थानीय स्तर पर उपचार करवाया। ठीक न होने पर वह मेडिकल कॉलेज आए हैं लेकिन भीड़ अधिक होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
गौंत के राजेश कुमार ने बताया कि छाती में दर्द और खांसी है। करीब एक सप्ताह से वह इस बीमारी से जूझ रहे हैं। बागथन के रमेश और बनाह के सिरमौर सिंह भी सर्दी, वायरल और जुकाम की शिकायत के चलते उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। समय 11:35 बजे। स्थान मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी। चाकली की संगीता ने बताया कि बीते चार दिन से उनके 5 वर्षीय बेटे को बुखार और छाती में कफ की शिकायत है। डॉक्टर ने चेकअप के बाद दवाइयां और देखभाल के लिए कहा है।
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की चिकित्सक डॉ. अनिकेता ने बताया कि मौसम में बदलाव होने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। एलर्जी, वायरल संक्रमण, डायरिया, चिकन पॉक्स, सर्दी-खांसी, जुकाम, फ्लू, गले में खराश जैसी बीमारियों की चपेट में खासकर बुजुर्ग और बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उबला हुआ पानी और पौष्टिक भोजन लें। सफाई का ध्यान रखें। विटामिन डी को अपनी डाइट में शामिल करें। फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।
प्रधानाचार्य डॉ. संगीत ढिल्लो ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मेडिसिन और बाल ओपीडी में बढ़ोतरी हुई है। गंभीर मरीजों को दाखिल किया जा रहा है, जबकि अन्य को उपचार के बाद सेहत का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अस्पताल में दाखिल मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं हैं।
-- -संवाद
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अस्पताल में उपचार को पहुंचे रहे सांस, सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज
मौसम में परिवर्तन ने बढ़ाई परेशानी, बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। लंबे अरसे से बारिश न होने और मौसम परिवर्तन से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की समस्याओं से जूझ रहे मरीज अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन में ऐसे रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
दरअसल, बीते एक सप्ताह से मौसम में आए बदलाव के चलते लोगों को संक्रमण, वायरल, सर्दी खांसी ने जकड़ लिया है। मेडिकल कॉलेज नाहन में जनरल मेडिसिन और बाल ओपीडी 250 के पार चल रही है। मंगलवार को 279 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें अधिकतर मरीज सर्दी, खांसी और बुखार के हैं। मरीजों में अधिकतर बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
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सुबह और शाम ठंड है, जबकि दिन में धूप खिलती है। ऐसे में सर्द-गर्म होने के चलते लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जनरल मेडिसिन ओपीडी में कई मर्तबा चिकित्सकों को शाम 6:30 बजे तक सेवाएं देनी पड़ रही है। बुजुर्गों में सांस की दिक्कत, तो बच्चे खांसी, छाती जमने, बुखार और संक्रमण शिकायत के चलते उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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समय सुबह 10:30 बजे। स्थान मेडिकल कॉलेज नाहन की जनरल मेडिसिन ओपीडी। कक्ष के बाहर मरीजों की उपचार के लिए लंबी कतार लगी थी। नेहरस्वार के राकेश ने बताया कि उन्हें तीन दिन से बुखार और जुकाम की शिकायत है। पहले स्थानीय स्तर पर उपचार करवाया। ठीक न होने पर वह मेडिकल कॉलेज आए हैं लेकिन भीड़ अधिक होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
गौंत के राजेश कुमार ने बताया कि छाती में दर्द और खांसी है। करीब एक सप्ताह से वह इस बीमारी से जूझ रहे हैं। बागथन के रमेश और बनाह के सिरमौर सिंह भी सर्दी, वायरल और जुकाम की शिकायत के चलते उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। समय 11:35 बजे। स्थान मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी। चाकली की संगीता ने बताया कि बीते चार दिन से उनके 5 वर्षीय बेटे को बुखार और छाती में कफ की शिकायत है। डॉक्टर ने चेकअप के बाद दवाइयां और देखभाल के लिए कहा है।
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की चिकित्सक डॉ. अनिकेता ने बताया कि मौसम में बदलाव होने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। एलर्जी, वायरल संक्रमण, डायरिया, चिकन पॉक्स, सर्दी-खांसी, जुकाम, फ्लू, गले में खराश जैसी बीमारियों की चपेट में खासकर बुजुर्ग और बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उबला हुआ पानी और पौष्टिक भोजन लें। सफाई का ध्यान रखें। विटामिन डी को अपनी डाइट में शामिल करें। फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।
प्रधानाचार्य डॉ. संगीत ढिल्लो ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मेडिसिन और बाल ओपीडी में बढ़ोतरी हुई है। गंभीर मरीजों को दाखिल किया जा रहा है, जबकि अन्य को उपचार के बाद सेहत का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अस्पताल में दाखिल मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं हैं।