{"_id":"6a689b8a1ec3bba6030de457","slug":"one-year-jail-and-11-lakh-fine-nahan-news-c-177-1-nhn1017-184605-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: चेक बाउंस में आरोपी को एक साल की सजा, 11 लाख जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: चेक बाउंस में आरोपी को एक साल की सजा, 11 लाख जुर्माना
विज्ञापन
न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने चेक बाउंस मामले में तहसील शिलाई निवासी रमेश को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, पीड़ित पक्ष को 11 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने फैसला सुनाते हुए निर्देश दिए कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2022 को तहसील शिलाई क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता केसू राम ने अदालत को बताया कि अक्तूबर 2022 से अक्तूबर 2024 तक रमेश ने घरेलू जरूरतों के लिए तीन अलग-अलग बार 10,00,000 रुपये उधार लिए थे। इसी दौरान उसने 10 लाख रुपये की राशि का एक पोस्ट-डेटेड चेक जारी किया। फरवरी 2025 को बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो गया।
कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।-- -- --
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने चेक बाउंस मामले में तहसील शिलाई निवासी रमेश को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, पीड़ित पक्ष को 11 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने फैसला सुनाते हुए निर्देश दिए कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2022 को तहसील शिलाई क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता केसू राम ने अदालत को बताया कि अक्तूबर 2022 से अक्तूबर 2024 तक रमेश ने घरेलू जरूरतों के लिए तीन अलग-अलग बार 10,00,000 रुपये उधार लिए थे। इसी दौरान उसने 10 लाख रुपये की राशि का एक पोस्ट-डेटेड चेक जारी किया। फरवरी 2025 को बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो गया।
विज्ञापन
कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।
विज्ञापन