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अब नाहन में भी तैयार होंगे स्पेशल एजुकेटर
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Fri, 03 Jun 2016 11:10 PM IST
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नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में भी अब स्पेशल बच्चों को पढ़ाने के लिए स्पेशल एजुकेटर तैयार किए जाएंगे। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा देने के लिए आस्था वेलफेयर सोसायटी अब जेबीटी की तर्ज पर डीएड संस्थान चलाएगी। आस्था कॉलेज ऑफ स्पेशल एजूकेशन के लिए भारत सरकार के री हेब्लीटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया ने संबद्धता प्रदान कर दी है। पहले चरण में इस संस्थान में तीन साल के लिए 25 सीटें मिली हैं। जल्द ही इसकी कक्षाएं भी आरंभ कर दी जाएगी।
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आस्था वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल ही नहीं बल्कि पूरे देश में स्पेशल एजुकेटर की कमी है। इसी के मद्देनजर यह कोर्स यहां शुरू किया जा रहा है। जेबीटी की तर्ज पर होने वाला डीएड कोर्स तीन साल का होगा जिसमें युवाओं को स्पेशल बच्चों को शिक्षा देने एवं देखभाल के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके बाद वह इस क्षेत्र में स्वरोजगार या रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
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उनके अनुसार हिमाचल में इस तरह का यह चौथा संस्थान है। ऊना, बिलासपुर और सुंदरनगर में इस तरह के संस्थान पहले से ही चल रहे हैं। उनके अनुसार यह कॉलेज सेल्फ फाइनेंसिंग के तहत चलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले की सालाना फीस महज चालीस हजार रुपये रखी गई है। उन्होंने कहा कि डीएड के बाद कॅरिअर की भी अपार संभावनाएं हैं।
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सिरमौर जिले में स्पेशल बच्चों की संख्या अधिक है। उच्चतम न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार हर स्कूल में स्पेशल एजुकेटर रखना जरूरी है। लिहाजा इस क्षेत्र में रोजगार की भी अपार संभावनाएं है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस कोर्स के बाद युवा स्पेशल बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अहम कदम उठा सकते हैं।
इस अवसर पर आस्था स्कूल की प्रधानाचार्य रुचि कोटिया, संजीव शर्मा, ज्ञान चंद, प्रवीण वर्मा, दुर्गेश चौधरी, असलम खान, रिची अग्रवाल, प्रगति शर्मा भी उपस्थित थे।