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Sirmour News: एक साल से सूखी पड़ी कूहल, सतौन में खेतों में सूख रही फसलें

Sat, 25 May 2024 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2024 11:13 PM IST
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no water in sataun kuhal
एक साल से सूखी पड़ी कूहल, सतौन में खेतों में सूख रही फसलें
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मवेशियों की चारे और मक्की बीजने के भी अब पड़ गए हैं लाले
ठेकेदारों की कमाई के जरिये तक ही सीमित रह गई यह कूहल
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। सतौन में सिंचाई की कूहल में पानी न होने से पिछले एक साल से सूखा पड़ा हुआ है। कई फसलें सूखे की मार से खराब हो चुकी हैं। सतौन के किसानों को अब मक्की बीजने की चिंता भी सताने लगी है। सूखे की मार से मवेशी के चारे तक के भी लाले पड़ गए हैं। यमुनानगर से हरा चारा लाया जा रहा है।
बता दें कि 90 के दशक तक कूहल के पानी से सतौन के हर कोने की जमीन सिंचित होती थी। धीरे-धीरे कूहल के पानी का दायरा घटता गया। ग्रामीणों ने लगभग आधी जमीन चूना पत्थर स्टॉक यार्ड को किराए दे दी है। कुछ में लघु उद्योग लग गए। अब आधी से कम जमीन उपजाऊ बची है, जिसमें खेतीबाड़ी की जा रही है लेकिन यह जमीन एक साल से सूखी पड़ी है। इस सूखे के कारण पिछले साल की गेहूं, टमाटर, अदरक की फसल का नुकसान हुआ है। इस बार किसान मक्की की फसल और पशु चारे की बिजाई से भी वंचित रह सकते हैं। इस समय किसानों को सबसे बड़ी समस्या पशु चारे की हो रही है। किसान बरसीम आदि चारा यमुनानगर से ला रहे हैं।
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गौरतलब रहे कि पिछले साल एनएच विभाग ने बंद पड़ी कूहल से मलबा साफ कर दिया था लेकिन इस बार फिर मलबा आ गया है जिसे एक बार जल शक्ति विभाग ने टेंडर लगवा कर साफ करवाया था लेकिन कूहल में पानी नहीं आ रहा है।
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स्थानीय किसान मुकेश चौहान, अनित कुमार, दया राम, सुंदर सिंह, धनबीर सिंह आदि ने बताया कि किसानों की कई फसलें बिना कूहल के पानी के खराब हो चुकी हैं। सूखे की मार से मवेशी के चारे तक के लाले पड़ चुके हैं। कई लोगों ने तिलगन खड्ड से अपने पाइप लगा रखे हैं जिससे थोड़ा बहुत काम चलाया जा रहा है। अब मक्की की बिजाई करनी है। बरसात हो नहीं रही है और कूहल में पानी नहीं है। सूखे की मार से मवेशी तक पालने में समस्या हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि सतौन की लगभग 100 बीघा जमीन ऐसी है जहां 90 के दशक की कूहल से सिंचाई होती है लेकिन इस समय कूहल नष्ट हो गई है। यह कूहल ठेकेदारों की कमाई का साधन बन गई है। लंबे समय से यहां कभी मलबे हटाने के टेंडर लगाए जा रहे हैं तो कभी पाइप बिछाने के और कभी मरम्मत के ही टेंडर लगाए गए। ठेकेदारों को तो पैसे मिल रहे हैं लेकिन किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुुंच रहा।

पंचायत प्रधान ममता देवी, उप प्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि एनएच विभाग के सड़क के मलबे से कूहल क्षतिग्रस्त हुई है। एनएच 707 का कार्य कर रही कंपनी के प्रोजेक्ट प्रबंधक प्रदीप बेनीवाल ने बताया कि जो नुकसान एनएच 707 सड़क से हुआ था उसे दुरुस्त कर दिया है। उसके बाद के नुकसान की उनकी कोई जिम्मवारी नहीं है।
---संवाद
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