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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   no water connection and building in 122 school of sirmaure

सिरमौर के122 स्कूलों में नहीं पानी के कनेक्शन, न भवन

Sun, 04 Sep 2016 10:39 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)। Updated Sun, 04 Sep 2016 10:39 PM IST
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नाहन (सिरमौर)। निजी स्कूल को भले ही पानी के कनेक्शन के बिना मान्यता न मिले लेकिन सरकारी स्कूल खुल जाते हैं। निजी स्कूल की एक कमी उनकी मान्यता में रोड़ा बन जाती है। नियमों का हवाला देकर तमाम कमियां दूर करने को कहा जाता है लेकिन सरकारी स्कूलों की यह कमियां आखिर कब दूर होंगी।
जनपद सिरमौर में कई ऐसे स्कूल हैं जहां सबसे मूलभूत मानी जाने वाली पानी तक की सुविधा नहीं है। इनमें नए खुले स्कूल तो हैं ही, कई ऐसे स्कूल भी शामिल हैं जो पिछले कई सालों से चल रहे हैं। आंकड़ों को लें तो जिला के 122 स्कूलों में पानी नहीं है। इसमें 30 मिडल और 92 प्राइमरी स्कूल हैं।
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 जल्द उठाए जाएंगे कदम : उपनिदेशक
शिक्षा उपनिदेशक एलीमेंट्री पूनम सूद ने बताया कि कुछ स्कूलों में पानी की असुविधा हो सकती है लेकिन किसी न किसी तरीके से पानी स्कूल को मिल ही रहा है। जल्द ही इस बारे उचित कदम उठाए जाएंगे। स्कूल भवन के मसले पर उन्होंने कहा कि कई स्कूलों के भवन का एस्टीमेट तैयार कर विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
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  इन स्कूलों में नहीं है पानी की सुविधा
मिडल स्कूलों में चंदोग, जनोट, किला कलांच, रजालग, ढंगयार, हीरपुर, सैर बड़ोन, कोटरी, बनकला-2, गनोग, द्राबिल, खटवाड़, कांडो च्योग, डाबरा, लाना छब्यूल, कालाघाट, शोघी छकड़ावग, मोहराड़, थारो, पाब, कुफरधार, कुफरपाल, शिलांजी, जघेर, बंबिल, हरलोग, बारवा, कंडियाकोटी, चाडना व मंडोली शामिल हैं। इनमें अधिकांश स्कूल नए खुले हैैं।

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 इन 92 स्कूलों में न पानी, न भवन सुविधा
प्राइमरी स्कूलों में दधोग, चढ़यार, पनिया मंडोली, भनोट, ढांग कटाहां, शिरु माइला, तिलधार, चांबी, देवना, बडग़, चेवला दिपालियो, भरायण, कोटड़ी, नेरों, कांडो, भगानी-2, चिलोई, भुड्डी, गुरुवाला, फूलपुर शमशेरपुर, चंबीधार, धंद्रिल, जूला फागू, लाना मोही, कोटी मावगा, रेहाना कथोल, छानबसेच, अंजी पजरेली, सैर जगास, रूग, पबेच, शलेच, धार, धार टालिया, शरूग, जंगलोट, कुज्जेवाला, भेड़ेवाला, घड़ीवाला, पल्होड़ी, भिपटवाड़ शामिल हैं। इसके अलावा बाना, रांघवा, चयाली, बाग तिलवारी, चेवला बकांग, मलहोटी, चुन्नर, रिवाडला, भारगड़ी कथेला, नोमचाट, सरहोज, मानगढ़, लाना कासर, जयहर, सरोल, बसहेच, दोहर, रिनोई, बंबिल, कोटी उतरऊ, भटवाड़, भेरल आवत, मतियाना, हरलोग, बड़वा, सौंफर, पेछवा, सुराख, चीमू, माइला शिमनाना, कून क्यार, जुबियालीधार, जरवा, छियाती भंगारी, मोराचधार, निचला गत्ता, दुरेच, कथमली, कांडिया कोटी, बाग चचराना, खोंचा, जोगीबाग, कोलीबाग, मनसाखतकर धार, भालना, कफलेनू, खनाटियों, मुदिया कुमाना, बड़ा खनाड़ा, खैरा व बसाली स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं है। इनमें कई स्कूल वर्षों पुराने हैं। नए स्कूलों के पास तो भवन भी नहीं है।
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