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Sirmour News: मेडिकल कॉलेज में 51 दिन से सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड सेवाएं बंद
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी कक्ष पर लटका ताला। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
-जांच के लिए भटक रहे मरीज, निजी केंद्रों में 1000 से 1400 रुपये तक खर्च करने को मजबूर
-रेडियोलॉजिस्ट न होने से कक्ष पर ताला, गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की बढ़ी परेशानी
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। इलाज की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंच रहे मरीजों को सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड के लिए अब निजी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 51 दिन से दोनों जांच सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को निशुल्क मिलने वाली अल्ट्रासाउंड सुविधा के लिए निजी केंद्रों में 1000 से 1400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि गंभीर मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण यह स्थिति बनी है। विभाग के एचओडी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गए। इसके अलावा एक रेडियोलॉजिस्ट का पदोन्नति के बाद तबादला हो गया, जबकि दूसरे ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद विभाग में कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं बचा और जांच सेवाएं बंद हो गईं। रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी कक्ष पर भी ताला लटका है।
अस्पताल प्रबंधन ने रिक्तियों की जानकारी सरकार और उच्चाधिकारियों को दी थी, लेकिन 51 दिन बाद भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। बनेठी पंचायत के तपेंद्र सिंह ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी थी। मेडिकल कॉलेज में सुविधा बंद होने के कारण उन्हें निजी केंद्र में जांच करवानी पड़ी। बागथन की राधिका ने बताया कि चिकित्सक ने सीटी स्कैन करवाने को कहा था, लेकिन नाहन में सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन करीब 1200 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। दुर्घटना और गंभीर बीमारी के मामलों में सीटी स्कैन जैसी जांच तत्काल जरूरी होती है, लेकिन सुविधा बंद होने से मरीजों को दूसरे संस्थानों या निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. संगीत ढिल्लो ने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। इस संबंध में सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जांच सुविधाएं बंद होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। संवाद-- --
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-जांच के लिए भटक रहे मरीज, निजी केंद्रों में 1000 से 1400 रुपये तक खर्च करने को मजबूर
-रेडियोलॉजिस्ट न होने से कक्ष पर ताला, गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की बढ़ी परेशानी
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। इलाज की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंच रहे मरीजों को सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड के लिए अब निजी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 51 दिन से दोनों जांच सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को निशुल्क मिलने वाली अल्ट्रासाउंड सुविधा के लिए निजी केंद्रों में 1000 से 1400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि गंभीर मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण यह स्थिति बनी है। विभाग के एचओडी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गए। इसके अलावा एक रेडियोलॉजिस्ट का पदोन्नति के बाद तबादला हो गया, जबकि दूसरे ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद विभाग में कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं बचा और जांच सेवाएं बंद हो गईं। रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी कक्ष पर भी ताला लटका है।
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अस्पताल प्रबंधन ने रिक्तियों की जानकारी सरकार और उच्चाधिकारियों को दी थी, लेकिन 51 दिन बाद भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। बनेठी पंचायत के तपेंद्र सिंह ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी थी। मेडिकल कॉलेज में सुविधा बंद होने के कारण उन्हें निजी केंद्र में जांच करवानी पड़ी। बागथन की राधिका ने बताया कि चिकित्सक ने सीटी स्कैन करवाने को कहा था, लेकिन नाहन में सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन करीब 1200 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। दुर्घटना और गंभीर बीमारी के मामलों में सीटी स्कैन जैसी जांच तत्काल जरूरी होती है, लेकिन सुविधा बंद होने से मरीजों को दूसरे संस्थानों या निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. संगीत ढिल्लो ने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। इस संबंध में सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जांच सुविधाएं बंद होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। संवाद

मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी कक्ष पर लटका ताला। संवाद