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Sirmour News: बद्रीपुर चौक से हटाया गया सार्वजनिक शौचालय कब बनेगा
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करीब छह वर्ष पहले एनएच फोरलेन कार्य के बाद बद्रीपुर चौक के इस स्थल से हटाया सार्वजनिक शौचालय आज
ग्राउंड रिपोर्ट
व्यस्त चौक और हजारों यात्री होने के बावजूद यहां पर न शौचालय और न वर्षाशालिका की सुविधा
देश-प्रदेश से आने वाली संगतों, पर्यटकों, महिलाओं व बुजुर्गों को रोज झेलनी पड़ रही परेशानी
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही वाले पांवटा साहिब शहर के सबसे व्यस्त चौक आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हैं। बद्रीपुर चौक, श्रीराम चौक, भगवान परशुराम चौक और विश्वकर्मा चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर न तो सार्वजनिक शौचालय हैं और न ही बारिश व धूप से बचने के लिए रैन शेल्टर। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है।
देहरादून-पांवटा साहिब एनएच-07 और पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा एनएच-707 को जोड़ने वाला बद्रीपुर चौक शहर का सबसे व्यस्त जंक्शन माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों लोग बसों का इंतजार करते हैं और विभिन्न राज्यों से आने वाली संगतें भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। बावजूद इसके, यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब छह वर्ष पहले फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान बद्रीपुर चौक के समीप बना सार्वजनिक शौचालय और वर्षाशालिका हटा दिए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि परियोजना पूरी होने के बाद इनका पुनर्निर्माण किया जाएगा, लेकिन आज तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन यात्रियों को शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है, जबकि बारिश और भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है।
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भाजपा पर्यटन प्रकोष्ठ के जिला संयोजक जगमोहन सूर्या सहित स्थानीय लोगों सुशील शर्मा, कपिल शणकवाण, इमरान, हेमराज राणा, तब्बसुम, हरविंद्र कौर तथा पंजाब से आए सुखविंद्र सिंह, रघुबीर सिंह और देशराज सिंह का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को होती है। कई बार यात्रियों को बारिश से बचने के लिए आसपास की दुकानों में शरण लेनी पड़ती है। उनका कहना है कि शहर के प्रमुख चौकों पर सार्वजनिक शौचालय और रैन शेल्टर जैसी सुविधाएं होना बेहद जरूरी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक नगरी होने के कारण पांवटा साहिब में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं का अभाव शहर की छवि पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर परिषद से इन सुविधाओं का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर ने बताया कि बद्रीपुर चौक के समीप सार्वजनिक शौचालय निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है। नवगठित नगर परिषद की बैठक में इस विषय पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा अन्य प्रमुख चौकों पर रैन शेल्टर बनाने की संभावना को लेकर एनएच अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी, ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
संवाद-- -- -- -- -- --
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व्यस्त चौक और हजारों यात्री होने के बावजूद यहां पर न शौचालय और न वर्षाशालिका की सुविधा
देश-प्रदेश से आने वाली संगतों, पर्यटकों, महिलाओं व बुजुर्गों को रोज झेलनी पड़ रही परेशानी
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही वाले पांवटा साहिब शहर के सबसे व्यस्त चौक आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हैं। बद्रीपुर चौक, श्रीराम चौक, भगवान परशुराम चौक और विश्वकर्मा चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर न तो सार्वजनिक शौचालय हैं और न ही बारिश व धूप से बचने के लिए रैन शेल्टर। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है।
देहरादून-पांवटा साहिब एनएच-07 और पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा एनएच-707 को जोड़ने वाला बद्रीपुर चौक शहर का सबसे व्यस्त जंक्शन माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों लोग बसों का इंतजार करते हैं और विभिन्न राज्यों से आने वाली संगतें भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। बावजूद इसके, यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब छह वर्ष पहले फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान बद्रीपुर चौक के समीप बना सार्वजनिक शौचालय और वर्षाशालिका हटा दिए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि परियोजना पूरी होने के बाद इनका पुनर्निर्माण किया जाएगा, लेकिन आज तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन यात्रियों को शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है, जबकि बारिश और भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है।
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भाजपा पर्यटन प्रकोष्ठ के जिला संयोजक जगमोहन सूर्या सहित स्थानीय लोगों सुशील शर्मा, कपिल शणकवाण, इमरान, हेमराज राणा, तब्बसुम, हरविंद्र कौर तथा पंजाब से आए सुखविंद्र सिंह, रघुबीर सिंह और देशराज सिंह का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को होती है। कई बार यात्रियों को बारिश से बचने के लिए आसपास की दुकानों में शरण लेनी पड़ती है। उनका कहना है कि शहर के प्रमुख चौकों पर सार्वजनिक शौचालय और रैन शेल्टर जैसी सुविधाएं होना बेहद जरूरी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक नगरी होने के कारण पांवटा साहिब में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं का अभाव शहर की छवि पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर परिषद से इन सुविधाओं का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर ने बताया कि बद्रीपुर चौक के समीप सार्वजनिक शौचालय निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है। नवगठित नगर परिषद की बैठक में इस विषय पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा अन्य प्रमुख चौकों पर रैन शेल्टर बनाने की संभावना को लेकर एनएच अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी, ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
संवाद