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Sirmour News: नीरू चली घूमदी पर झूमे दर्शक, राजगढ़ में बैसाखी मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में विक्की राजटा ने जमाया रंग
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राजगढ़ (सिरमौर)। जिला स्तरीय शिरगुल देवता बैसाखी मेला राजगढ़ की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में राईिजंग स्टार फेम कुमार साहिल, डाॅ. मदन झालटा, अरविंद सिंह राजपूत, प्रदीप शर्मा और विक्की राजटा जैसे कलाकारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। स्टार कलाकारों में सबसे पहले विक्की राजटा ने ओ बांकी चंद्रा, सेब रा दाना, डूंगे नाला रे और नाटियां पेश की जबकि वाइस ऑफ हिमालया प्रदीप शर्मा ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
कुमार साहिल ने मंच पर आते ही गीतों की झड़ी लगाकर श्रोताओं नाचने पर विवश कर दिया। साहिल ने दिल संभल जा जरा, मोहब्बत बरसा दे, कजरा मोहब्ब्त वाला, पानी री टांकी, नीरू चाली घुमदी आदी और पूरा लंदन ठुम्कदा समेत कई हिंदी, पहाड़ी और पंजाबी गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया। डाॅ. मदन झालटा ने भी पहाड़ी गीतों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने माला रे माला रे हाय प्यारी मेरी माला रे, हुंदै चाले मेले खे रेणुके के आदि नाटियां प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। अरविंद सिंह राजपूत की प्रस्तुतियों को भी श्रोताओं ने पसंद किया और उनके गीतोंं पर नन्हे मुन्हे बच्चों सहित युवा थिरकते नजर आए।
उन्होंने दर्शकों के बीच जाकर इक हसीना थी, जट यमला पगला दीवाना और तेनू में लव करदा गीत पेश किए। इससे पूर्व उत्तराखंड और पंजाब उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला के कलाकारों ने पंजाबी भंगड़े सहित अन्य आकर्षक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। इस सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि कलगीधर ट्रस्ट और कुलपति इटरनल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष बडू साहिब डॉ. दविंद्र सिंह थे। मेला समिति के अध्यक्ष और एसडीएम यादविंदर पाल ने उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। डाॅ. दविंद्र सिंह ने कहा कि कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब मानवता की सेवा के लिए बना है और हमारा प्रयास है कि हम ऐसे इनसान बना सके जो अपने परिवार के अतिरिक्त समाज का भी भला कर सके। इस अवसर पर तहसीलदार राजगढ़ उमेश शर्मा और नायब तहसीलदार डीएन शर्मा भी मौजूद रहे।
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कुमार साहिल ने मंच पर आते ही गीतों की झड़ी लगाकर श्रोताओं नाचने पर विवश कर दिया। साहिल ने दिल संभल जा जरा, मोहब्बत बरसा दे, कजरा मोहब्ब्त वाला, पानी री टांकी, नीरू चाली घुमदी आदी और पूरा लंदन ठुम्कदा समेत कई हिंदी, पहाड़ी और पंजाबी गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया। डाॅ. मदन झालटा ने भी पहाड़ी गीतों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने माला रे माला रे हाय प्यारी मेरी माला रे, हुंदै चाले मेले खे रेणुके के आदि नाटियां प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। अरविंद सिंह राजपूत की प्रस्तुतियों को भी श्रोताओं ने पसंद किया और उनके गीतोंं पर नन्हे मुन्हे बच्चों सहित युवा थिरकते नजर आए।
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उन्होंने दर्शकों के बीच जाकर इक हसीना थी, जट यमला पगला दीवाना और तेनू में लव करदा गीत पेश किए। इससे पूर्व उत्तराखंड और पंजाब उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला के कलाकारों ने पंजाबी भंगड़े सहित अन्य आकर्षक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। इस सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि कलगीधर ट्रस्ट और कुलपति इटरनल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष बडू साहिब डॉ. दविंद्र सिंह थे। मेला समिति के अध्यक्ष और एसडीएम यादविंदर पाल ने उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। डाॅ. दविंद्र सिंह ने कहा कि कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब मानवता की सेवा के लिए बना है और हमारा प्रयास है कि हम ऐसे इनसान बना सके जो अपने परिवार के अतिरिक्त समाज का भी भला कर सके। इस अवसर पर तहसीलदार राजगढ़ उमेश शर्मा और नायब तहसीलदार डीएन शर्मा भी मौजूद रहे।
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