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Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन को मिले 17 विशेषज्ञ चिकित्सक, कार्डियोलॉजी विभाग भी शुरू
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दिल के मरीजों को अब नहीं जाना पड़ेगा अब बाहर
गायनी, रेडियोलॉजी और अन्य विभागों में सुदृढ़ होंगी सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाते हुए डॉ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन को विभिन्न विभागों में 17 असिस्टेंट प्रोफेसर (विशेषज्ञ चिकित्सक) दिए हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में सुपर-स्पेशियलिटी के तहत कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग की स्थापना भी कर दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही थी।
अधिसूचना के तहत प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में दो, रेडियो-डायग्नोसिस में तीन, सामान्य मेडिसिन में दो, बाल रोग विभाग में दो, जबकि सामान्य सर्जरी, पल्मोनरी मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, मनोचिकित्सा, ईएनटी और पैथोलॉजी विभाग में एक-एक असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की गई है।
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इसके अलावा कार्डियोलॉजी विभाग के लिए भी एक असिस्टेंट प्रोफेसर का पद स्वीकृत किया गया है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग शुरू होने से जिला सिरमौर और आसपास के क्षेत्रों के हृदय रोगियों को राहत मिलेगी। अब गंभीर हृदय रोगों के उपचार और परामर्श के लिए मरीजों को शिमला या बाहरी राज्यों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से मेडिकल कॉलेज में मरीजों के उपचार के साथ-साथ शिक्षण और शोध गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में कई प्रमुख विभागों में चिकित्सकों की कमी चल रही थी। खासकर आर्थो, मेडिसिन, गायनी और ईएनटी विभागों में पद रिक्त होने के कारण ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मेडिकल कॉलेज सिरमौर का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है, जहां रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने चिकित्सकों की तैनाती के लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी तथा लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
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गायनी, रेडियोलॉजी और अन्य विभागों में सुदृढ़ होंगी सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाते हुए डॉ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन को विभिन्न विभागों में 17 असिस्टेंट प्रोफेसर (विशेषज्ञ चिकित्सक) दिए हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में सुपर-स्पेशियलिटी के तहत कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग की स्थापना भी कर दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही थी।
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अधिसूचना के तहत प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में दो, रेडियो-डायग्नोसिस में तीन, सामान्य मेडिसिन में दो, बाल रोग विभाग में दो, जबकि सामान्य सर्जरी, पल्मोनरी मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, मनोचिकित्सा, ईएनटी और पैथोलॉजी विभाग में एक-एक असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की गई है।
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इसके अलावा कार्डियोलॉजी विभाग के लिए भी एक असिस्टेंट प्रोफेसर का पद स्वीकृत किया गया है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग शुरू होने से जिला सिरमौर और आसपास के क्षेत्रों के हृदय रोगियों को राहत मिलेगी। अब गंभीर हृदय रोगों के उपचार और परामर्श के लिए मरीजों को शिमला या बाहरी राज्यों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से मेडिकल कॉलेज में मरीजों के उपचार के साथ-साथ शिक्षण और शोध गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में कई प्रमुख विभागों में चिकित्सकों की कमी चल रही थी। खासकर आर्थो, मेडिसिन, गायनी और ईएनटी विभागों में पद रिक्त होने के कारण ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मेडिकल कॉलेज सिरमौर का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है, जहां रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने चिकित्सकों की तैनाती के लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी तथा लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।