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Sirmour News: नगर परिषद नाहन खाली पड़ी जमीन से प्रतिवर्ष कमा रही 60 लाख रुपये
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पार्किंग को बढ़ावा देकर नगर परिषद की बढ़ने लगी आमदनी
नगर परिषद नाहन खाली पड़ी जमीन से प्रतिवर्ष कमा रही 60 लाख रुपये
घरों के आसपास पार्किंग होने से लोगों को भी मिलने लगी है सुविधा
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। शहर में बेकार पड़ी जमीन से नगर परिषद नाहन सोना उगल रही है जिससे लगातार नगर परिषद की आर्थिक हालत में सुधार हो रहा है और शहर के विकास कार्यों को लेकर भी काम आगे बढ़ रहा है।
बता दें कि शहर में खाली पड़ी भूमि को नगर परिषद की ओर से पिछले कुछ सालों में पार्किंग के लिए विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अपने घरों के समीप ही वाहनों की पार्किंग के लिए सुविधा मिल रही है तो वहीं नगर परिषद को भी आमदनी हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद के इस प्रयोग से आमदनी में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है। अब प्रतिवर्ष केवल पार्किंग से ही नगर परिषद 60 लाख रुपये से अधिक कमा रही है। हालांकि पहले यह राशि बहुत कम थी। शुल्क आधारित पार्किंग बढ़ाने को लेकर अलग-अलग स्थानों पर नगर परिषद की ओर से सीधे ठेकेदार को स्थल की एक साल के लिए नीलामी कर दी जाती है। इसके बाद एकमुश्त राशि नगर परिषद को मिल जाती है। हाल ही में नगर परिषद के नए बनाए जा रहे कार्यालय की बहुमंजिला इमारत के दो फ्लोर तैयार हो जाने के बाद उन्हें भी पार्किंग के लिए नीलाम कर दिया गया है।
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इसके अलावा शहर के प्रमुख स्थानों में दिल्ली गेट, मालरोड, शिमला रोड, सीएमओ कार्यालय के नजदीक आदि स्थानों पर पार्किंग के लिए भूमि को उपलब्ध करवाया गया है। इसके अलावा अन्य कई प्रकार के आधुनिक साधनों का प्रयोग कर भी नगर परिषद अपनी आमदनी जुटाने में लगी हुई है।
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दुकानों की कमाई से बेहतर हो रही पार्किंग की कमाई
बता दें कि शहर में नगर परिषद की ओर से दुकानों व भवनों आदि का निर्माण कर उन्हें किराये पर देकर भी कमाई की जा रही है लेकिन नप के अधिकारियों की मानें तो पार्किंग से जो कमाई हो रही है वह अधिक बेहतर है। इसका एक सबसे बड़ा कारण माना जाता है कि दुकान आदि लेने के बाद अधिकतर लोगों द्वारा किराया समय पर नहीं दिया जाता है और कुछ तो सालों तक किराया नहीं देते। किराये की उगाही करना ही नगर परिषद के लिए टेढ़ी खीर बन जाता है। अभी भी नगर परिषद के लाखों रुपये के किराये पर किरायेदारों ने कुंडली मारी हुई है। इसमें कुछ तो ऐसे भी हैं, जिनमें एक से ही नगर परिषद को लाखों रुपये लेने हैं। बताया यह भी जाता है कि जिन किरायेदारों द्वारा किराया जमा नहीं करवाया जाता उन्हें राजनीतिक संरक्षण रहता है। ऐसे में पार्किंग के लिए सीधे नीलामी कर नगर परिषद झंझट से बच रही है।
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-नगर परिषद द्वारा शहर में बेकार भूमि पर पार्किंग बनाकर नीलामी की जाती है। इससे प्रतिवर्ष करीब 60 लाख रुपये आमदनी नगर परिषद की हो रही है। हालांकि इससे पहले यह कम थी। नगर परिषद की आमदनी बढ़ाने को लेकर काम किया जा रहा है। यह सही है कि दुकानों आदि के किराये से पार्किंग से कमाई करना ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो रहा है।
-संजय तोमर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नाहन
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नगर परिषद नाहन खाली पड़ी जमीन से प्रतिवर्ष कमा रही 60 लाख रुपये
घरों के आसपास पार्किंग होने से लोगों को भी मिलने लगी है सुविधा
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। शहर में बेकार पड़ी जमीन से नगर परिषद नाहन सोना उगल रही है जिससे लगातार नगर परिषद की आर्थिक हालत में सुधार हो रहा है और शहर के विकास कार्यों को लेकर भी काम आगे बढ़ रहा है।
बता दें कि शहर में खाली पड़ी भूमि को नगर परिषद की ओर से पिछले कुछ सालों में पार्किंग के लिए विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अपने घरों के समीप ही वाहनों की पार्किंग के लिए सुविधा मिल रही है तो वहीं नगर परिषद को भी आमदनी हो रही है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद के इस प्रयोग से आमदनी में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है। अब प्रतिवर्ष केवल पार्किंग से ही नगर परिषद 60 लाख रुपये से अधिक कमा रही है। हालांकि पहले यह राशि बहुत कम थी। शुल्क आधारित पार्किंग बढ़ाने को लेकर अलग-अलग स्थानों पर नगर परिषद की ओर से सीधे ठेकेदार को स्थल की एक साल के लिए नीलामी कर दी जाती है। इसके बाद एकमुश्त राशि नगर परिषद को मिल जाती है। हाल ही में नगर परिषद के नए बनाए जा रहे कार्यालय की बहुमंजिला इमारत के दो फ्लोर तैयार हो जाने के बाद उन्हें भी पार्किंग के लिए नीलाम कर दिया गया है।
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इसके अलावा शहर के प्रमुख स्थानों में दिल्ली गेट, मालरोड, शिमला रोड, सीएमओ कार्यालय के नजदीक आदि स्थानों पर पार्किंग के लिए भूमि को उपलब्ध करवाया गया है। इसके अलावा अन्य कई प्रकार के आधुनिक साधनों का प्रयोग कर भी नगर परिषद अपनी आमदनी जुटाने में लगी हुई है।
दुकानों की कमाई से बेहतर हो रही पार्किंग की कमाई
बता दें कि शहर में नगर परिषद की ओर से दुकानों व भवनों आदि का निर्माण कर उन्हें किराये पर देकर भी कमाई की जा रही है लेकिन नप के अधिकारियों की मानें तो पार्किंग से जो कमाई हो रही है वह अधिक बेहतर है। इसका एक सबसे बड़ा कारण माना जाता है कि दुकान आदि लेने के बाद अधिकतर लोगों द्वारा किराया समय पर नहीं दिया जाता है और कुछ तो सालों तक किराया नहीं देते। किराये की उगाही करना ही नगर परिषद के लिए टेढ़ी खीर बन जाता है। अभी भी नगर परिषद के लाखों रुपये के किराये पर किरायेदारों ने कुंडली मारी हुई है। इसमें कुछ तो ऐसे भी हैं, जिनमें एक से ही नगर परिषद को लाखों रुपये लेने हैं। बताया यह भी जाता है कि जिन किरायेदारों द्वारा किराया जमा नहीं करवाया जाता उन्हें राजनीतिक संरक्षण रहता है। ऐसे में पार्किंग के लिए सीधे नीलामी कर नगर परिषद झंझट से बच रही है।
-नगर परिषद द्वारा शहर में बेकार भूमि पर पार्किंग बनाकर नीलामी की जाती है। इससे प्रतिवर्ष करीब 60 लाख रुपये आमदनी नगर परिषद की हो रही है। हालांकि इससे पहले यह कम थी। नगर परिषद की आमदनी बढ़ाने को लेकर काम किया जा रहा है। यह सही है कि दुकानों आदि के किराये से पार्किंग से कमाई करना ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो रहा है।
-संजय तोमर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नाहन