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बंदरों के खौफ से नाहनवासी परेशान

Sun, 22 May 2016 10:47 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)। Updated Sun, 22 May 2016 10:47 PM IST
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monky distrube life of nahan citizens
चंपावत के कई इलाकों में बंदरों की दहशत - फोटो : अमर उजाला

नाहन (सिरमौर)। सिरमौरी हुकमरानों की राजधानी रहे नाहन शहर में नौनिहालों का बचपन बंद पिंचरे में पंछी की भांति रिहाई के लिए छटपटा रहा है। विवशता ऐसी है कि चाहकर भी अभिभावक बच्चों को खुली छूट नहीं दे सकते। उत्पाती बंदरों के खौफ से अभिभावक बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने देते। कई लोगों ने बच्चों के खेलने के लिए अपने घर के टेरेस में जालियां लगाकर पिंजरे का आकार दे दिया है। इस वजह से बच्चों को खेलकूद के लिए खुला माहौल नहीं मिल पा रहा।

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लगभग 45 हजार की आबादी वाले नाहन शहर में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। चप्पे-चप्पे में बंदरों के झुंड छतों पर सूखने के लिए फैले कपड़ों, घरों के अंदर रखे सामान, दुकानदारों के खाने-पीने की चीजों का चट कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप परेशान लोगों ने घरों को लोहे की सलाखों और पिंजरों से कवर करना शुरू कर दिया है। बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं। बंदरों की दहशत का सबसे बुरा असर नौनिहालों की आजादी पर पड़ रहा है। दिनभर स्कूल में पढ़ाई के बोझ में दबे रहने के बाद बच्चे खुले वातावरण में खेलकूद तक नहीं सकते।
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सरकार का नसबंदी कार्यक्रम फीका
सरकार का नसबंदी कार्यक्रम फीका साबित हो रहा है। वहीं, बंदरों के वर्मिन घोषित क्षेत्र तहसीलों में नाहन का नाम न होने से लोगों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। अभिभावक संजय भंडारी, अरबिंद चौधरी, गिरधारी लाल, कमला देवी, संजीव गुप्ता ने बताया कि बंदरों का उत्पात बेकाबू हो रहा है। बंदर बच्चों पर हमला कर रहे हैं। सूखने को रखे कपड़ों को तक नहीं छोड़ा जा रहा।
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नाहन को वर्मिन क्षेत्र घोषित करने की उठाई है मांग
उधर विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बंदरों को आतंकी घोषित करने के लिए जो मसौदा केंद्र सरकार को भेजा है। उसके आधार पर केंद्र ने 38 तहसीलों के बंदरों को वर्मिन घोषित किया है। प्रदेश सरकार द्वारा नाहन को इस सूची में नहीं डाला गया। यह जनता के साथ अन्याय है। मैंने सरकार व वनमंत्री को पत्र लिखकर नाहन क्षेत्र को वर्मिन क्षेत्र घोषित करने की मांग है। सरकार को चाहिए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

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