{"_id":"6a6b508be2fb9a65a30a6133","slug":"message-of-humanity-delivered-at-the-poets-gathering-nahan-news-c-177-1-ssml1030-184783-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: कवि दरबार में दिया मानवता का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: कवि दरबार में दिया मानवता का संदेश
विज्ञापन
गुरुद्वारा पांवटा साहिब में गुरु पूर्णिमा पर बुधवार रात्रि को कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते हु
पांवटा साहिब गुरुद्वारा में गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। एतिहासिक गुरुद्वारा पांवटा साहिब में गुरु पूर्णिमा पर बुधवार रात पारंपरिक कवि दरबार का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश सहित दूसरे राज्यों के कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर संगत को गुरु इतिहास और आध्यात्मिक संदेशों से रूबरू कराया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी कवि दरबार का आनंद लेने पहुंचे।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मीत प्रधान हरभजन सिंह, महासचिव हरप्रीत सिंह रतन, प्रबंधक जगीर सिंह और सहायक प्रबंधक गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा पांवटा साहिब का कवि दरबार करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुरानी ऐतिहासिक परंपरा है। इसकी शुरुआत सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने स्वयं की थी। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आज भी इस परंपरा को निरंतर निभा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा पर यहां कवि दरबार का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न राज्यों और विभिन्न धर्मों के कवि भाग लेते हैं।
कवि कुलवंत सिंह चौधरी, कर्म सिंह नूर, हरि सिंह चाचक सहित अन्य कवियों ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर होने वाला कवि दरबार अपनी ऐतिहासिक विरासत के कारण विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का आज भी उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ निर्वहन किया जा रहा है। कवियों ने रचनाओं से गुरु साहिब के जीवन, उनके गौरवशाली इतिहास और मानवता के संदेश को संगत के समक्ष प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। एतिहासिक गुरुद्वारा पांवटा साहिब में गुरु पूर्णिमा पर बुधवार रात पारंपरिक कवि दरबार का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश सहित दूसरे राज्यों के कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर संगत को गुरु इतिहास और आध्यात्मिक संदेशों से रूबरू कराया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी कवि दरबार का आनंद लेने पहुंचे।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मीत प्रधान हरभजन सिंह, महासचिव हरप्रीत सिंह रतन, प्रबंधक जगीर सिंह और सहायक प्रबंधक गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा पांवटा साहिब का कवि दरबार करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुरानी ऐतिहासिक परंपरा है। इसकी शुरुआत सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने स्वयं की थी। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आज भी इस परंपरा को निरंतर निभा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा पर यहां कवि दरबार का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न राज्यों और विभिन्न धर्मों के कवि भाग लेते हैं।
विज्ञापन
कवि कुलवंत सिंह चौधरी, कर्म सिंह नूर, हरि सिंह चाचक सहित अन्य कवियों ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर होने वाला कवि दरबार अपनी ऐतिहासिक विरासत के कारण विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का आज भी उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ निर्वहन किया जा रहा है। कवियों ने रचनाओं से गुरु साहिब के जीवन, उनके गौरवशाली इतिहास और मानवता के संदेश को संगत के समक्ष प्रस्तुत किया।

गुरुद्वारा पांवटा साहिब में गुरु पूर्णिमा पर बुधवार रात्रि को कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते हु
विज्ञापन