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Sirmour News: कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, संवेदनशील बीटों में होगी रात्रि गश्त

Fri, 03 Apr 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:58 PM IST
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jungle fire and employees leave
बलदेव राज कंडेटा, डीएफओ, श्रीरेणुका जी।
योगेंद्र अग्रवाल
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ददाहू (सिरमौर)। गर्मियों के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। 30 जून तक सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं हैं। कर्मियों को अपनी बीटों पर मुस्तैद रहने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

विभाग ने वन मंडल कार्यालय रेणुकाजी में एक कंट्रोल रूम विस्थापित किया है जो 24 घंटे, सातों दिन अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक तिलक सिंह को नियुक्त किया गया है। साथ ही सभी पांच रेंजों में टास्क फोर्स का गठन करके परिक्षेत्राधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है जो प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करेंगे।
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वन मंडल रेणुकाजी की 43 वन बीटों में से सात बीटों को अति संवेदनशील की श्रेणी में आंका गया है। यहां आग लगने की संभावनाएं सर्वाधिक हैं। इनमें खजूरी, जामना, सतौन, निगाली, पराडा, ददाहू व जखांडो बीट शामिल हैं। इन बीटों में विशेष तौर पर फायर वाचरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा चीड, देवदार व चौड़ी पत्ती के जंगलों में भी विभाग के कर्मचारी दिन-रात गश्त पर रहेंगे। इनकी मॉनिटरिंग भी समय-समय पर की जाएगी। विभाग ने गर्मी के दौरान एक अग्निशमन वाहन उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा है।
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वन विभाग ने नई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सेटेलाइट के माध्यम से भी जंगलों की सुरक्षा करने का प्रावधान किया है। आग लगते ही तुरंत इसकी सूचना विभाग को सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त होगी। सूचना मिलते ही विभाग आग बुझाने पर त्वरित कार्यवाही करेगा।

वन विभाग ने जंगलों में आगजनी को लेकर ग्रामीणों को सचेत करने के साथ ही उन्हें जागरूक करने की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है। गर्मियों के दौरान घासनियों, सूखे पत्तों आदि में आग लगने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ग्रामीणों को बिना स्वीकृति के आग लगाने की इजाजत नहीं होगी। ऐसा करने पर उनके इमारती लकड़ी वितरण (टीडी) के अधिकार भी रद्द किया जाएगा, साथ ही दो साल की सजा व दस हजार जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।


डीएफओ श्रीरेणुका जी बलदेव राज कंडेटा ने कहा कि गर्मियों में जंगलों को आग से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध कर लिए गए हैं। वन विभाग ने जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों की सूचना देने वाले संगठनों को पुरस्कृत करने का भी निर्णय लिया है।

---संवाद
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