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Sirmour News: दस साल पहले बना पक्का रोड, एचआरटीसी बस का सफल हुआ ट्रायल लेकिन नहीं चली बस
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई उपमंडल के पंध्याट सड़क मार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवा शुरू करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर करीब 10 वर्ष पहले बस का सफल ट्रायल हो चुका है, लेकिन आज तक नियमित बस सेवा शुरू नहीं हो पाई। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिलाई-पंध्याट सड़क मार्ग से थापला, जजरमा, छातियों, सुजूई, सिंयारली, जांवला, अच्छोटी, धनाना और पंध्याट उपगांव सहित कई गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों से प्रतिदिन दूध विक्रेता, स्कूली छात्र-छात्राओं, दिहाड़ी मजदूर और अन्य लोग शिलाई बाजार आते-जाते हैं। बस सुविधा न होने के कारण लोगों को छोटे निजी वाहनों में महंगा और असुविधाजनक सफर करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीण रमेश कुमार, जगत सिंह, विमला कुमारी, प्रोमिला ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से इस मार्ग पर एचआरटीसी बस चलाने की मांग कर रहे हैं। पहले प्रदेश में भाजपा सरकार थी और अब कांग्रेस सरकार है, लेकिन दोनों सरकारों के कार्यकाल में उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
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शिलाई लोक निर्माण विभाग उपमंडल के सहायक अभियंता गुलाब पुंडीर ने बताया कि शिलाई-पंध्याट सड़क का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। सड़क की लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर है और यह पूरी तरह पक्की है। इस मार्ग पर बस का ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है, लेकिन अब तक न तो एचआरटीसी और न ही किसी निजी ऑपरेटर ने नियमित बस सेवा शुरू की है।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग पर जल्द नियमित बस सेवा शुरू की जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके।-- -- -- -- -- --
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शिलाई (सिरमौर)। शिलाई उपमंडल के पंध्याट सड़क मार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवा शुरू करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर करीब 10 वर्ष पहले बस का सफल ट्रायल हो चुका है, लेकिन आज तक नियमित बस सेवा शुरू नहीं हो पाई। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिलाई-पंध्याट सड़क मार्ग से थापला, जजरमा, छातियों, सुजूई, सिंयारली, जांवला, अच्छोटी, धनाना और पंध्याट उपगांव सहित कई गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों से प्रतिदिन दूध विक्रेता, स्कूली छात्र-छात्राओं, दिहाड़ी मजदूर और अन्य लोग शिलाई बाजार आते-जाते हैं। बस सुविधा न होने के कारण लोगों को छोटे निजी वाहनों में महंगा और असुविधाजनक सफर करना पड़ता है।
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स्थानीय ग्रामीण रमेश कुमार, जगत सिंह, विमला कुमारी, प्रोमिला ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से इस मार्ग पर एचआरटीसी बस चलाने की मांग कर रहे हैं। पहले प्रदेश में भाजपा सरकार थी और अब कांग्रेस सरकार है, लेकिन दोनों सरकारों के कार्यकाल में उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
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शिलाई लोक निर्माण विभाग उपमंडल के सहायक अभियंता गुलाब पुंडीर ने बताया कि शिलाई-पंध्याट सड़क का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। सड़क की लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर है और यह पूरी तरह पक्की है। इस मार्ग पर बस का ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है, लेकिन अब तक न तो एचआरटीसी और न ही किसी निजी ऑपरेटर ने नियमित बस सेवा शुरू की है।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग पर जल्द नियमित बस सेवा शुरू की जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके।