{"_id":"99b4cec6fb802f3c60be2046ab3bcc57","slug":"how-we-safe-yamunaghat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेखौफ अवैध खनन माफिया के निशाने पर यमुनाघाट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेखौफ अवैध खनन माफिया के निशाने पर यमुनाघाट
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिरमाौर
Updated Sun, 21 Feb 2016 07:18 PM IST
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हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बहने वाली यमुना नदी पर अवैध खनन माफिया इसी प्रकार धड़ल्ले से चलता रहा तो देहरादून-पांवटा एनएच पुल एवं 132 केवी बिजली (इमरजेंसी) आपूर्ति लाइन के टॉवर कभी भी भर भराकर गिर सकते हैं। इससे न केवल दोनों राज्यों का सड़क संपर्क टूट जाएगा बल्कि इससे हिमाचल सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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दो राज्यों को जोड़ने वाला एनएच पर बना यमुना पुल प्रदेश के सबसे बढ़े पुलों में से एक माना जाता है। यह पुल दशकों से उत्तराखंड, यूपी समेत कई राज्यों को हिमाचल प्रवेश से जोड़ता है लेकिन अब पांवटा यमुना नदी पुल के ठीक नीचे अवैध खनन जोरों पर है। पुल के पीलरों के ठीक नीचे खनन से पुल को खतरा हो सकता है। इस स्थान से अवैध खनन देर रात व सुबह पौ फटने से पहले किया जा रहा है। खनन सामग्री हिमाचल व उत्तराखंड की तरफ ले जाई जाती है। इस पुल से करीब 750 मीटर दूरी पर 3 दशक पहले करोड़ों की लागत से बिजली का टॉवर लगा है जिसके आसपास भी अवैध खनन किया जा रहा है।
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दोनों राज्यों की सीमा निर्धारण लंबे समय से अधर में लटका है। इसका पूरा फायदा अवैध खननकारी उठा रहे हैं। हिमाचल सीमा तक खनन कार्य करते पहुंच चुके हैं जिससे, 132 केवी बिजली आपूर्ति लाइन टॉवर को भी खतरा पैदा हो चुका है। उत्तराखंड के कुल्हाल प्रोजेक्ट से इमरजेंसी में हिमाचल के पांवटा क्षेत्र में इस लाइन से बिजली आपूर्ति होती है। अवैध खनन कार्य करने वाले इस टावर के करीब 50 मीटर समीप तक खुदाई करते पहुंच चुके हैं।
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नदी क्षेत्र में अवैध खनन को संवेदनशील स्थल
यमुना नदी व टौंस नदी का करीब 27 किलोमीटर सीमा क्षेत्र है, जिसमें एक दशक से राज्य सीमा का कोई निर्धारण नहीं हो पाया। इसका पूरा फायदा अवैध खनन माफिया उठा रहे हैं। एक राज्य सीमा से कोई छापेमारी होते ही, साथ लगते दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। सबसे ज्यादा अवैध खनन को संवेदनशील स्थलों में डाक पत्थर खोदरी माजरी, सिंगपुरा, नवादा, मानपुर देवड़ा, कुंजा मतरालियों, देवीनगर, यमुना पुल के समीप, भूपपुर, केदारपुर, कौंच वैली व बाता मंडी में यमुना नदी तथा गिरि नदी में राजबन के पास, सतौन, बांगरन व नवादा समेत दो दर्जन से अधिक अवैध खनन के संवेदनशील स्थान हैं।
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अवैध खनन को रोका जाएगा
एनएच प्राधिकरण के सहायक अभियंता वीके अग्रवाल ने कहा कि सूचना मिली है। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बने यमुना पुल के नीचे अवैध खनन को रोका जाएगा। अवैध खनन कार्य से पुल को क्षति पहुंच सकती है। उत्तराखंड प्रशासन व एनएच प्राधिकरण अधिकारियों को भी इस संदर्भ में अवगत करवाया जाएगा।
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संयुक्त टीम करेगी अवैध खनन पर कार्रवाई : सुरेश भारद्वाज
जिला खनन अधिकारी सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पड़ोसी राज्य के साथ यमुना नदी में विस्तृत सीमा क्षेत्र लगता है। सीमा निर्धारण नहीं हो पाने से कार्रवाई में कई बार दिक्कतें होती हैं। उत्तराखंड के विकासनगर प्रशासन को अवगत करवाया जाएगा जिससे संयुक्त टीम मिलकर अवैध खनन को रोक सके।