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Sirmour News: बिना बारिश गुलरिया ढांग में धंसी पहाड़ी, भारी भूस्खलन से सड़क का मिटा नामोनिशान
Thu, 08 Oct 2026 11:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:33 PM IST
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कौलांवालाभूड के गुलरिया में भूस्खलन के बाद सड़क बंद होने पर नदी से रास्ता निकालती मशीन। स्रोत ग
कौलांवाला भूड़-बर्मा पापड़ी मार्ग पूरी तरह बंद, दोनों ओर फंसे वाहन और लोग
छह पंचायतों के हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आसमान साफ था और बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी, लेकिन कौलांवालाभूड़-बर्मा पापड़ी मार्ग पर गुलरिया ढांग में गुरुवार शाम अचानक पहाड़ी इस कदर दरकी कि करीब 100 मीटर हिस्से में सड़क का नामोनिशान तक मिट गया। भारी मात्रा में मलबा आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की आवाजाही थम गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस बरसात में भी इस स्थान पर कई बार मलबा आया, लेकिन इस बार बिना बारिश के जितना बड़ा भूस्खलन हुआ है, उतना बारिश के दौरान भी नहीं हुआ था।
भूस्खलन के बाद कौलांवालाभूड़ की ओर से नाहन, कालाअंब और अन्य स्थानों की तरफ जाने वाले लोग और वाहन एक ओर फंस गए, जबकि बर्मा पापड़ी की तरफ से आने वाले लोग दूसरी ओर रुक गए। अचानक मार्ग बंद होने से मौके पर वाहनों की कतार लग गई। सड़क पर इतना मलबा जमा है कि सामान्य रूप से मार्ग का स्वरूप तक दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, देर शाम तक जेसीबी मशीन लगाकर नदी से वैकल्पिक मार्ग बनाया गया।
गुलरिया ढांग से होकर कौलांवालाभूड़, क्यारी, बर्मा पापड़ी सहित आसपास की छह पंचायतों के हजारों लोग रोजाना आवागमन करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मजदूर और विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क बंद होने से इन लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही के साथ रोजगार, आवश्यक सामान की आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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स्थानीय निवासी बाबू राम, राम रतन, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि बरसात के दौरान भी गुलरिया ढांग पर कई बार सड़क बंद होती रही है। पिछले कई वर्षों से मलबा आने के कारण लोगों को मार्ग बंद होने की समस्या झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इस स्थान पर करीब 100 मीटर के हिस्से में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। अब बिना बारिश के इतनी बड़ी मात्रा में पहाड़ी दरकने से समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग केवल आसपास की पंचायतों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सराहां से हरियाणा के नारायणगढ़ जाने के लिए सबसे कम दूरी वाला रूट भी है। ऐसे में मार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से स्थानीय लोगों के साथ दूसरे क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
स्थानीय निवासी हिमांशु ठाकुर ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके पर तत्काल पर्याप्त मशीनरी भेजकर मलबा हटाया जाए। साथ ही, गुलरिया ढांग के संवेदनशील हिस्से का तकनीकी निरीक्षण करवाकर स्थायी सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि हर बार मलबा आने पर मार्ग बंद होने और हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
कोट
गुलरिया ढांग में भूस्खलन की जानकारी मिली है। फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। सड़क पूरी तरह बंद हो गई है और लोक निर्माण विभाग को इसे जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नदी से लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करवाया जा रहा है। सड़क को खोलने में करीब दो दिन का समय लग सकता है। - राजीव सांख्यान, एसडीएम, नाहन
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छह पंचायतों के हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आसमान साफ था और बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी, लेकिन कौलांवालाभूड़-बर्मा पापड़ी मार्ग पर गुलरिया ढांग में गुरुवार शाम अचानक पहाड़ी इस कदर दरकी कि करीब 100 मीटर हिस्से में सड़क का नामोनिशान तक मिट गया। भारी मात्रा में मलबा आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की आवाजाही थम गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस बरसात में भी इस स्थान पर कई बार मलबा आया, लेकिन इस बार बिना बारिश के जितना बड़ा भूस्खलन हुआ है, उतना बारिश के दौरान भी नहीं हुआ था।
भूस्खलन के बाद कौलांवालाभूड़ की ओर से नाहन, कालाअंब और अन्य स्थानों की तरफ जाने वाले लोग और वाहन एक ओर फंस गए, जबकि बर्मा पापड़ी की तरफ से आने वाले लोग दूसरी ओर रुक गए। अचानक मार्ग बंद होने से मौके पर वाहनों की कतार लग गई। सड़क पर इतना मलबा जमा है कि सामान्य रूप से मार्ग का स्वरूप तक दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, देर शाम तक जेसीबी मशीन लगाकर नदी से वैकल्पिक मार्ग बनाया गया।
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गुलरिया ढांग से होकर कौलांवालाभूड़, क्यारी, बर्मा पापड़ी सहित आसपास की छह पंचायतों के हजारों लोग रोजाना आवागमन करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मजदूर और विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क बंद होने से इन लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही के साथ रोजगार, आवश्यक सामान की आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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स्थानीय निवासी बाबू राम, राम रतन, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि बरसात के दौरान भी गुलरिया ढांग पर कई बार सड़क बंद होती रही है। पिछले कई वर्षों से मलबा आने के कारण लोगों को मार्ग बंद होने की समस्या झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इस स्थान पर करीब 100 मीटर के हिस्से में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। अब बिना बारिश के इतनी बड़ी मात्रा में पहाड़ी दरकने से समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग केवल आसपास की पंचायतों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सराहां से हरियाणा के नारायणगढ़ जाने के लिए सबसे कम दूरी वाला रूट भी है। ऐसे में मार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से स्थानीय लोगों के साथ दूसरे क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
स्थानीय निवासी हिमांशु ठाकुर ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके पर तत्काल पर्याप्त मशीनरी भेजकर मलबा हटाया जाए। साथ ही, गुलरिया ढांग के संवेदनशील हिस्से का तकनीकी निरीक्षण करवाकर स्थायी सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि हर बार मलबा आने पर मार्ग बंद होने और हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
कोट
गुलरिया ढांग में भूस्खलन की जानकारी मिली है। फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। सड़क पूरी तरह बंद हो गई है और लोक निर्माण विभाग को इसे जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नदी से लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करवाया जा रहा है। सड़क को खोलने में करीब दो दिन का समय लग सकता है। - राजीव सांख्यान, एसडीएम, नाहन

कौलांवालाभूड के गुलरिया में भूस्खलन के बाद सड़क बंद होने पर नदी से रास्ता निकालती मशीन। स्रोत ग

कौलांवालाभूड के गुलरिया में भूस्खलन के बाद सड़क बंद होने पर नदी से रास्ता निकालती मशीन। स्रोत ग