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Sirmour News: गड़बड़े पर्व से एक दिन पहले बाजार में बढ़ी रौनक, कारोबारी खुश
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नाहन के बड़ा चौक में दुकानों से गड़बड़े खरीदती महिलाएं। संवाद
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शरद पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले पारंपरिक गड़बड़े पर्व से एक दिन पहले नाहन के ऐतिहासिक बड़ा चौक बाजार में रौनक बढ़ गई है। रविवार को गड़बड़ों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बड़ा चौक पहुंचे। बाजार में ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही से गड़बड़े बेचने वाले कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। त्योहार से पहले बाजार में गड़बड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। बड़ा चौक में इस बार गड़बड़ों के दाम भी कम किए गए हैं। बाजार में साधारण गड़बड़े 20 रुपये से बिकने शुरू हो गए हैं, जबकि फैंसी और बड़े आकार के गड़बड़ों की कीमत 50 से 70 रुपये तक है। रंग-बिरंगे गड़बड़ों की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। पर्व से एक दिन पहले बाजार में खरीदारी बढ़ने से दुकानदारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है।
गड़बड़े पर्व नाहन की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा है। शरद पूर्णिमा की रात रंगीन गड़बड़ों में दिए जलाकर उन्हें रोशन किया जाता है। पहले इस पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह रहता था। बच्चे मोहल्लों में टोलियां बनाकर गड़बड़ों में दिए जलाते और घर-घर जाकर पर्व की खुशियां बांटते थे। लोग बच्चों के गड़बड़ों में पैसे डालकर उनका उत्साह बढ़ाते थे।
समय के साथ इस परंपरा का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन आज भी नाहन में गड़बड़े पर्व को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है। बाजार में गड़बड़ों की बढ़ती बिक्री से इस पारंपरिक पर्व की रौनक लौटती नजर आ रही है।-- -- -- -
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शरद पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले पारंपरिक गड़बड़े पर्व से एक दिन पहले नाहन के ऐतिहासिक बड़ा चौक बाजार में रौनक बढ़ गई है। रविवार को गड़बड़ों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बड़ा चौक पहुंचे। बाजार में ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही से गड़बड़े बेचने वाले कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। त्योहार से पहले बाजार में गड़बड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। बड़ा चौक में इस बार गड़बड़ों के दाम भी कम किए गए हैं। बाजार में साधारण गड़बड़े 20 रुपये से बिकने शुरू हो गए हैं, जबकि फैंसी और बड़े आकार के गड़बड़ों की कीमत 50 से 70 रुपये तक है। रंग-बिरंगे गड़बड़ों की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। पर्व से एक दिन पहले बाजार में खरीदारी बढ़ने से दुकानदारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है।
गड़बड़े पर्व नाहन की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा है। शरद पूर्णिमा की रात रंगीन गड़बड़ों में दिए जलाकर उन्हें रोशन किया जाता है। पहले इस पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह रहता था। बच्चे मोहल्लों में टोलियां बनाकर गड़बड़ों में दिए जलाते और घर-घर जाकर पर्व की खुशियां बांटते थे। लोग बच्चों के गड़बड़ों में पैसे डालकर उनका उत्साह बढ़ाते थे।
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समय के साथ इस परंपरा का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन आज भी नाहन में गड़बड़े पर्व को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है। बाजार में गड़बड़ों की बढ़ती बिक्री से इस पारंपरिक पर्व की रौनक लौटती नजर आ रही है।
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