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Sirmour News: नाहन में गड़बड़ा पर्व की रौनक, 50 से 70 रुपये तक बिक रहे

Thu, 22 Oct 2026 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:47 PM IST
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Festive fervor dampened in Nahan; items selling for 50 to 70 rupees
कभी पांच रुपये में मिलता था गड़बड़ा, बच्चों की टोलियों से गुलजार रहती थी पर्व की रात
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संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। प्रकाश और चांदनी के पारंपरिक पर्व गड़बड़े को लेकर नाहन के ऐतिहासिक बड़ा चौक बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। करवाचौथ और दिवाली के सामान के साथ दुकानों पर रंग-बिरंगे गड़बड़े भी बिक्री के लिए सज गए हैं। इस बार बाजार में साधारण गड़बड़ा 50 रुपये, जबकि रंगीन गड़बड़ा 70 रुपये में बिक रहा है। समय के साथ इसकी कीमत में भी इजाफा हुआ है। कभी पांच रुपये में मिलने वाला गड़बड़ा अब 50 से 70 रुपये तक पहुंच गया है।
हालांकि, बाजार में अभी ग्राहकों की आवाजाही और खरीदारी अपेक्षाकृत कम है। दुकानदारों को उम्मीद है कि पर्व से एक-दो दिन पहले बिक्री में तेजी आएगी। गड़बड़े का पर्व नाहन की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा है। इस दिन रंगीन गड़बड़ों में दीये जलाने और बच्चों के घर-घर जाकर पर्व की खुशियां बांटने का विशेष महत्व रहा है।
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नाहन में गड़बड़े को प्रकाश और चांदनी के पर्व के रूप में मनाने की परंपरा है। इस बार शरद पूर्णिमा 25 अक्तूबर को है। पर्व की रात रंगीन गड़बड़ों में दीये जलाकर उन्हें रोशन किया जाएगा। पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह रहता है। वे कई दिन पहले से ही मोहल्लों में टोलियां बना लेते थे। पर्व की रात रंग-बिरंगे गड़बड़ों में दीये जलाकर वे घर-घर जाते थे। लोग उनके गड़बड़ों में पैसे डालकर बच्चों का उत्साह बढ़ाते थे। कई घरों में बच्चों को देने के लिए पहले से ही खुले पैसे रखे जाते थे। रात के अंधेरे में गलियों में घूमती बच्चों की टोलियां और उनके हाथों में जगमगाते गड़बड़े शहर को अलग ही रंग में रंग देते थे।
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हालांकि, बदलते समय के साथ इस परंपरा का स्वरूप भी बदल रहा है। पहले जहां बच्चे बड़ी संख्या में गड़बड़े लेकर घरों से निकलते थे, वहीं अब ऐसे दृश्य कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में बाजार में गड़बड़ों की खरीदारी के साथ इस पारंपरिक पर्व को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
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