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ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने मिला आऊटसोर्स कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल
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पांवटा साहिब(सिरमौर)। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से विद्युत आउटसोर्स कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। इस दौरान ऊर्जा मंत्री से विद्युत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने और बोर्ड में लिए जाने का आग्रह किया गया जिससे प्रदेश के 2600 आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी बचाई जा सके।
आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से उनके आवास पर मिला जिसमें जिला सिरमौर इकाई अध्यक्ष अंकुर शर्मा, गोपाल शर्मा, निर्मल सिंह, गोपाल चंद्र, मुकेश कुमार, रिंकू, इस्लाम, प्रदीप हैप्पी, जसविंद्र सिंह, मोहित सैनी, इनाम, देवेंद्र सिंह और यशपाल आदि शामिल रहे।
उन्होंने ऊर्जा मंत्री को बताया कि प्रदेश में करीब 2600 लोग आउटसोर्स पर बिजली बोर्ड में काम कर रहे हैं। सभी की नौकरी खतरे में है। बोर्ड ने इन सभी को बाहर का रास्ता दिखाने की तिथि भी तय कर दी है। उन्होंने कहा कि जबकि वह ऊर्जा मंत्री से पिछली बार मिले थे तो उनकी नौकरी बचाए रखने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब विद्युत विभाग में काम करने वाले सैकड़ों लोगों की नौकरी जा रही है।
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आउटसोर्स कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री से कहा कि सबसे पहले उन्हें बोर्ड में भर्ती किया जाना चाहिए था। वह कई सालों से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनकी सेवाओं को नियमित करने के स्थान पर अब बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से सैकड़ों लोगों की नौकरी बचाने की गुहार लगाई है।
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आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से उनके आवास पर मिला जिसमें जिला सिरमौर इकाई अध्यक्ष अंकुर शर्मा, गोपाल शर्मा, निर्मल सिंह, गोपाल चंद्र, मुकेश कुमार, रिंकू, इस्लाम, प्रदीप हैप्पी, जसविंद्र सिंह, मोहित सैनी, इनाम, देवेंद्र सिंह और यशपाल आदि शामिल रहे।
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उन्होंने ऊर्जा मंत्री को बताया कि प्रदेश में करीब 2600 लोग आउटसोर्स पर बिजली बोर्ड में काम कर रहे हैं। सभी की नौकरी खतरे में है। बोर्ड ने इन सभी को बाहर का रास्ता दिखाने की तिथि भी तय कर दी है। उन्होंने कहा कि जबकि वह ऊर्जा मंत्री से पिछली बार मिले थे तो उनकी नौकरी बचाए रखने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब विद्युत विभाग में काम करने वाले सैकड़ों लोगों की नौकरी जा रही है।
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आउटसोर्स कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री से कहा कि सबसे पहले उन्हें बोर्ड में भर्ती किया जाना चाहिए था। वह कई सालों से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनकी सेवाओं को नियमित करने के स्थान पर अब बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से सैकड़ों लोगों की नौकरी बचाने की गुहार लगाई है।
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