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Sirmour News: ड्राप्स ऑफ होप ने फिर बचाई बच्ची और महिला की जान
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मेडिकल कालेज नाहन में रक्तदान करते ड्राप्स ऑफ होप के सदस्य दलीप। संवाद
सचित्र
ड्राप्स ऑफ होप ने फिर बचाई बच्ची और महिला की जान
बच्ची को एबी निगेटिव और महिला को ए निगेटिव खून दिया
मेडिकल काॅलेज के रक्तकोष में नहीं मिल सका दुर्लभ खून
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। ड्राप्स ऑफ होप समूह के सदस्यों ने डेढ़ साल की बच्ची और एक महिला की फिर जान बचा ली। दोनों मरीज मेडिकल काॅलेज नाहन में उपचाराधीन हैं।
इस समूह के सदस्यों को जब पता चला कि उपचाराधीन बच्ची और महिला को खून की जरूरत है तो तीन लोग अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया।
पांवटा साहिब के मानपुर देवड़ा की प्रीति नाम की एक बच्ची मेडिकल काॅलेज नाहन में उपचाराधीन है। बच्ची एनीमिया से ग्रस्त बताई जा रही है।
बच्ची को खून चढ़ाने की जरूरत पड़ी तो रक्तकोष में एबी निगेटिव खून नहीं मिला। इसके बाद ड्राप्स ऑफ होप समूह के व्हाट्स पर आपातकाल स्थिति में बच्ची को खून देने के संदेश चले।
इस बीच जमटा सरकारी स्कूल में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता एवं समूह के सदस्य सतीश शर्मा ने मेडिकल काॅलेज पहुंचकर अपना एबी निगेटिव खून बच्ची को दिया। बताया जा रहा है कि बच्ची के शरीर में सिर्फ चार ग्राम रक्त था।
वहीं, दूसरे मामले में भी ऐसा ही हुआ। मेडिकल काॅलेज में उपचाराधीन नाहन के बर्मा पापड़ी की प्रीतो देवी के आपरेशन के लिए खून की जरूरत पड़ी तो समूह के ही सदस्य दलीप वर्मा और शैलेंद्र कुमार ने ए निगेटिव खून महिला को दिया। वहीं अबरार अहमद ने भी मेडिकल काॅलेज में ए पॉजिटिव खून दान किया।
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बता दें कि ड्राप्स ऑफ होप समूह लोगों के लिए नई उम्मीद बन रहा है। इस ग्रुप के सदस्य मेडिकल काॅलेज नाहन ही नहीं, पीजीआई चंडीगढ़, दिल्ली एम्स, देहरादून, अंबाला और आईजीएमसी शिमला में भी आपातकालीन स्थिति में खून दे चुके हैं।
ग्रुप के संचालक ईशान राव ने बताया कि समूह में 900 सदस्य हैं, जो किसी भी स्थिति में मरीजों को खून देकर उन्हें नया जीवन दे रहे हैं।
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ड्राप्स ऑफ होप ने फिर बचाई बच्ची और महिला की जान
बच्ची को एबी निगेटिव और महिला को ए निगेटिव खून दिया
मेडिकल काॅलेज के रक्तकोष में नहीं मिल सका दुर्लभ खून
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। ड्राप्स ऑफ होप समूह के सदस्यों ने डेढ़ साल की बच्ची और एक महिला की फिर जान बचा ली। दोनों मरीज मेडिकल काॅलेज नाहन में उपचाराधीन हैं।
इस समूह के सदस्यों को जब पता चला कि उपचाराधीन बच्ची और महिला को खून की जरूरत है तो तीन लोग अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया।
पांवटा साहिब के मानपुर देवड़ा की प्रीति नाम की एक बच्ची मेडिकल काॅलेज नाहन में उपचाराधीन है। बच्ची एनीमिया से ग्रस्त बताई जा रही है।
बच्ची को खून चढ़ाने की जरूरत पड़ी तो रक्तकोष में एबी निगेटिव खून नहीं मिला। इसके बाद ड्राप्स ऑफ होप समूह के व्हाट्स पर आपातकाल स्थिति में बच्ची को खून देने के संदेश चले।
इस बीच जमटा सरकारी स्कूल में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता एवं समूह के सदस्य सतीश शर्मा ने मेडिकल काॅलेज पहुंचकर अपना एबी निगेटिव खून बच्ची को दिया। बताया जा रहा है कि बच्ची के शरीर में सिर्फ चार ग्राम रक्त था।
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वहीं, दूसरे मामले में भी ऐसा ही हुआ। मेडिकल काॅलेज में उपचाराधीन नाहन के बर्मा पापड़ी की प्रीतो देवी के आपरेशन के लिए खून की जरूरत पड़ी तो समूह के ही सदस्य दलीप वर्मा और शैलेंद्र कुमार ने ए निगेटिव खून महिला को दिया। वहीं अबरार अहमद ने भी मेडिकल काॅलेज में ए पॉजिटिव खून दान किया।
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बता दें कि ड्राप्स ऑफ होप समूह लोगों के लिए नई उम्मीद बन रहा है। इस ग्रुप के सदस्य मेडिकल काॅलेज नाहन ही नहीं, पीजीआई चंडीगढ़, दिल्ली एम्स, देहरादून, अंबाला और आईजीएमसी शिमला में भी आपातकालीन स्थिति में खून दे चुके हैं।
ग्रुप के संचालक ईशान राव ने बताया कि समूह में 900 सदस्य हैं, जो किसी भी स्थिति में मरीजों को खून देकर उन्हें नया जीवन दे रहे हैं।

मेडिकल कालेज नाहन में रक्तदान करते ड्राप्स ऑफ होप के सदस्य दलीप। संवाद

मेडिकल कालेज नाहन में रक्तदान करते ड्राप्स ऑफ होप के सदस्य दलीप। संवाद