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खराब सड़कों से मौत के घाट उतर रही कई जिंदगियां
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:46 PM IST
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Road Shimla
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नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर की खराब सड़कें कई जिंदगियों को निगल रही हैं। जिले में सड़क हादसों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। हादसों को रोकने के लिए न लोक निर्माण विभाग कोई ठोस कदम उठा रहा है और न ही पुलिस महकमा।
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जिला सिरमौर की कई सड़कों पर ब्लैक स्पॉट हैं, लेकिन पुलिस व लोक निर्माण विभाग ने उन्हें चिन्हित नहीं किया है। ऐसे में हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बरसात के कारण भी कई सड़कों की सूरत बुरी तरह से बिगड़ी है। पक्की सड़कों के अलावा कच्ची सड़कें भी हादसों को लगातार न्यौता दे रही हैं। जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में सड़कों की हालत काफी खस्ताहाल है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार होने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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राजगढ़ के शलैंच मोड़ पर रविवार को पेश आए हादसे के लिए भी कहीं न कहीं खराब सड़क जिम्मेदार है। ब्लैक स्पॉट सड़कों को विभाग ने न तो चौड़ा किया है और न ही कई सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। जिला की दूरदराज क्षेत्रों की सड़कों पर कहीं भी क्रैश बैरियर नहीं दिखाई देते। वाहन चालक व यात्री जान को जोखिम पर रखकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
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पच्छाद इलाके के राजगढ़ के अलावा सराहां, शिलाई व रेणुका विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों की हालत सबसे पतली है। संपर्क मार्ग तो दूर मुख्य मार्गों की हालत को सुधारने के लिए भी विभाग ने कारगर कदम नहीं उठाए हैं। लिहाजा, कई लोगों को परिवार हादसों में उजड़ रहे हैं। राजगढ़ क्षेत्र में इस साल सबसे ज्यादा सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। अभी तक कई लोग अपनी जिंदगियों से हाथ धो बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाना चाहिए। कई बार लोक निर्माण विभाग सड़कों की टारिंग का कार्य उस समय शुरू करता है जब बरसातें नजदीक हों। गर्मियों में विभाग बजट के अभाव का रोना रोता है। बरसातों व सर्दियों में विभाग के पास बजट भी उपलब्ध हो जाता है, जब टारिंग के कार्य के लिए मौसम भी अनुकूल न हो। लोगों ने सरकार व विभाग से सड़कों की हालत सुधारने व ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर क्रै श बैरियर लगाने की मांग की है।