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अज्ञात बीमारी की चपेट में सैकड़ों बकरियां
ब्यूरो,अमर उजाला नौहराधार (सिरमौर)।
Updated Fri, 11 Nov 2016 10:49 PM IST
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नौहराधार (सिरमौर)।नौहराधार क्षेत्र में दर्जनों मवेशी अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं। आलम यह है कि करीब 700 के करीब बकरियां बीमारी के कारण जंगल में बेसुध पड़ी हैं। जबकि, इन बकरियों के करीब 4-5 दर्जन छोटे बच्चे मौत का शिकार हो चुके हैं। मामले में हैरत की बात यह है कि इन बीमार बकरियों का इलाज करने के लिए भी डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के अनुसार किन्नौर क्षेत्र का घुमंतू पशुपालक पवन नेगी इन दिनों क्षेत्र में पड़ रही भयंकर ठंड से बचने के लिए अपने पशुओं के साथ नौहराधार क्षेत्र में आया हुआ है। चार दिन पहले अखरोट के फार्म हाउस के पीछे के जंगल में इसकी करीब सैकड़ों बकरियां अचानक अज्ञात रोग से बीमार पड़ गईं। बीमार बकरियों के मुंह सूज चुके हैं और उनके मुंह से निरंतर झाग निकल रही है। बकरियां चलने-फिरने लायक भी नहीं बची हैं। दुखद बात यह है कि इन बकरियों के करीब चार दर्जन बच्चे मौत का शिकार बन चुके हैं।
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स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि इन बकरियों का इलाज करने के लिए कोई समुचित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी तपेंद्र ने बताया कि इन बकरियों का इलाज शीघ्र किया जाना चाहिए क्योंकि यदि यह रोग ज्यादा भयंकर हुआ तो अन्य मवेशी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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उधर पशुपालक पवन नेगी ने बताया कि वह अपनी बकरियों को यहां चराने के लिए किन्नौर क्षेत्र से आया था लेकिन चार दिन पहले इसकी सारी बकरियां बीमार हो र्गइं। जबकि बकरियों के बच्चों ने दम तोड़ दिया है। पवन नेगी ने बताया कि वह नौहराधार स्थित पशु चिकित्सालय में कई बार डॉक्टर को लेने के लिए गया लेकिन उसे न तो कोई डॉक्टर मिला और न ही कोई कर्मचारी।
उधर, इस संबंध में नौहराधार पशु चिकित्सालय में तैनात फार्मासिस्ट सुरेश कुमार ने बताया कि पशुओं के फेफड़ों में संक्रमण है। इस बारे में अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। पशुओं को दवाइयां भी दी जा रही हैं।