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सराहां और नारग रेंज में करोड़ों की वन संपदा राख
Updated Tue, 22 May 2018 11:10 PM IST
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fire shimla
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)।
पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सराहां व नारग रेंज के सैकड़ों बीघा जंगल में आग लगने से करोड़ों रुपये की वन संपदा राख हो गई है। वन संपदा के साथ-साथ घास व चरागाह भी राख के ढेर में तबदील हो गए हैं। पच्छाद क्षेत्र के सराहां रेंज की पानवा व चांडोग के जंगल सोमवार शाम से दहक रहे हैं।
हालांकि, आग बुझाने के लिए वन महकमे के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी जुटे हैं लेकिन आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। इसके अलावा नारग रेंज के नैनाटिक्कर, थलपा, मछाड़ी आदि गांव में आग ने उग्र रूप धारण किया है। ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
नारग रेंज के इन गांवों में 24 घंटे बाद आग पर काबू तो पाया गया लेकिन आग ने क्षेत्र की करीब एक हजार बीघा सरकारी व मलकीयत भूमि के जंगल पर लगे पेड़ पौधों के साथ-साथ घास व चरागाह भी राख कर दी है।
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नारग रेंज के ही नैना टिक्कर में बने वन विभाग के विश्राम गृह के साथ-साथ छलप व मछाड़ी गांव को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। थलपा गांव में गौशाला के साथ रखा घास भी आग की चपेट में आ गया। आग ज्यादा भयानक होने के कारण आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग को फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाना पड़ा। इसके बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। वहीं, साथ लगते घरों को भी सुरक्षित किया गया।
क्षेत्रवासी ओमप्रकाश, रमेश कुमार, सतपाल, रणधीर सिंह, शमशेर सिंह, राकेश अत्री व मदन शर्मा आदि लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में लगी आग ने जंगल का चरागाह पूरी तरह खत्म कर दिया है। ग्रामीणों की मलकीयत भूमि में रखे घास को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया है। उन्होंने बताया कि हजारों छोटे बड़े पेड़ों को आग ने राख कर दिया।
उधर, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी मनजीत सिंह ने बताया कि नैनाटिक्कर के जंगल में भड़की आग को फायर ब्रिगेड की सहायता से काबू कर लिया गया है। विभाग के कर्मचारियों ने भी पूरी रात मेहनत करके आग पर नियंत्रण पाया। वहीं, सराहां रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखचैन शर्मा ने बताया कि सराहां रेंज के पानवा व चांडोग बीट में आग लगी है जिसे बुझाने का लगातार कार्य चल रहा है।
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सराहां (सिरमौर)।
पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सराहां व नारग रेंज के सैकड़ों बीघा जंगल में आग लगने से करोड़ों रुपये की वन संपदा राख हो गई है। वन संपदा के साथ-साथ घास व चरागाह भी राख के ढेर में तबदील हो गए हैं। पच्छाद क्षेत्र के सराहां रेंज की पानवा व चांडोग के जंगल सोमवार शाम से दहक रहे हैं।
हालांकि, आग बुझाने के लिए वन महकमे के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी जुटे हैं लेकिन आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। इसके अलावा नारग रेंज के नैनाटिक्कर, थलपा, मछाड़ी आदि गांव में आग ने उग्र रूप धारण किया है। ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
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नारग रेंज के इन गांवों में 24 घंटे बाद आग पर काबू तो पाया गया लेकिन आग ने क्षेत्र की करीब एक हजार बीघा सरकारी व मलकीयत भूमि के जंगल पर लगे पेड़ पौधों के साथ-साथ घास व चरागाह भी राख कर दी है।
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नारग रेंज के ही नैना टिक्कर में बने वन विभाग के विश्राम गृह के साथ-साथ छलप व मछाड़ी गांव को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। थलपा गांव में गौशाला के साथ रखा घास भी आग की चपेट में आ गया। आग ज्यादा भयानक होने के कारण आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग को फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाना पड़ा। इसके बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। वहीं, साथ लगते घरों को भी सुरक्षित किया गया।
क्षेत्रवासी ओमप्रकाश, रमेश कुमार, सतपाल, रणधीर सिंह, शमशेर सिंह, राकेश अत्री व मदन शर्मा आदि लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में लगी आग ने जंगल का चरागाह पूरी तरह खत्म कर दिया है। ग्रामीणों की मलकीयत भूमि में रखे घास को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया है। उन्होंने बताया कि हजारों छोटे बड़े पेड़ों को आग ने राख कर दिया।
उधर, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी मनजीत सिंह ने बताया कि नैनाटिक्कर के जंगल में भड़की आग को फायर ब्रिगेड की सहायता से काबू कर लिया गया है। विभाग के कर्मचारियों ने भी पूरी रात मेहनत करके आग पर नियंत्रण पाया। वहीं, सराहां रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखचैन शर्मा ने बताया कि सराहां रेंज के पानवा व चांडोग बीट में आग लगी है जिसे बुझाने का लगातार कार्य चल रहा है।
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