{"_id":"5aabd0474f1c1bc0078b5928","slug":"141521209415-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिलाई में पति और सुसर की प्रतीक्षा करती रह गई पत्नी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिलाई में पति और सुसर की प्रतीक्षा करती रह गई पत्नी
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:07 PM IST
विज्ञापन
जगत सिंह तोमर
शिलाई (सिरमौर)।
शिरी क्यारी में हुए सड़क हादसे में एक परिवार ने अपना सब कुछ खो दिया। घर को चलाने वाले दोनों बाप व बेटे ने अपने पीछे बचे परिवार को जिंदगी भर का दुख सौंप दिया। पत्नी अपने पति व ससुर के वापस शिलाई लौटने की प्रतीक्षा करती रह गई। सड़क हादसे के बाद शिलाई इलाके में शोक की लहर है। हादसे की खबर सुनने वाले हर कोई गमगीन है। शिलाई से 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित शिरी क्यारी के पास हुए सड़क हादसे में हुई पिता व बेटे की मौत ने एक परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।
शिलाई के फोराड़ निवासी अमित सुबह अपने घर से अपनी पत्नी सरिता देवी, पिता कंवर सिंह व पशमी गांव से उनके घर पहुंचे एक रिश्तेदार को साथ लेकर आल्टो से शिलाई पहुंचे थे। यहां पर अमित अपनी पत्नी सरिता को शिलाई में ही उतारकर जलाऊ मंदिर में पूजा करने रवाना हो गए। अमित ने सरिता को बताया कि वह शिलाई में ही उनके लौटने की प्रतीक्षा करे। पत्नी को क्या पता था कि उनका यह अंतिम मिलन होगा। जैसे ही सरिता को सड़क दुर्घटना की खबर मिली, वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद पत्नी को उसके पति की मौत की भी खबर मिल गई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि परिवार के मुखिया कंवर सिंह व उनका इकलौता बेटा अमित कुमार एक साथ दुनिया से अलविदा हो जाएंगे।
अमित अपने पीछे दो छोटे लड़के के साथ दो साल की एक बच्ची के अलावा पत्नी सरिता देवी, माता कम्मो देवी और तीन छोटी बहनों को छोड़ गया है। सभी परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। होश में आने के बाद परिवार वाले फिर से बेहोश हो रहे हैं।
विज्ञापन
परिजनों की हालत देख कर सांत्वना देने पहुंच रहे लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पता चला है कि कंवर सिंह की पहली पत्नी सीता देवी के जब कोई औलाद न हुई तो अपने पति कंवर सिंह के वंशज न होने से दुखी सीता देवी ने स्वयं ही पनधोग गांव जाकर एक लड़की कम्मो देवी से रिश्ता करवाकर पति का विवाह करवाया था। जब अमित पैदा हुआ तो उसकी प्रसन्नता का कोई ठिकाना नहीं रहा। सगी मां से भी ज्यादा सीता देवी ज्यादा लाड़ प्यार व देख रेख करती थी। उसको अपना बेटा ही मानती थी।
उधर, शिलाई के एसडीएम योगेश चौहान ने इस दुर्घटना पर दुख जताया है। स्थानीय प्रशासन ने फौरी राहत के रूप में मृतक के परिवार को दस हजार रुपये की राहत दी है।
--------------
विज्ञापन
शिलाई (सिरमौर)।
शिरी क्यारी में हुए सड़क हादसे में एक परिवार ने अपना सब कुछ खो दिया। घर को चलाने वाले दोनों बाप व बेटे ने अपने पीछे बचे परिवार को जिंदगी भर का दुख सौंप दिया। पत्नी अपने पति व ससुर के वापस शिलाई लौटने की प्रतीक्षा करती रह गई। सड़क हादसे के बाद शिलाई इलाके में शोक की लहर है। हादसे की खबर सुनने वाले हर कोई गमगीन है। शिलाई से 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित शिरी क्यारी के पास हुए सड़क हादसे में हुई पिता व बेटे की मौत ने एक परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।
शिलाई के फोराड़ निवासी अमित सुबह अपने घर से अपनी पत्नी सरिता देवी, पिता कंवर सिंह व पशमी गांव से उनके घर पहुंचे एक रिश्तेदार को साथ लेकर आल्टो से शिलाई पहुंचे थे। यहां पर अमित अपनी पत्नी सरिता को शिलाई में ही उतारकर जलाऊ मंदिर में पूजा करने रवाना हो गए। अमित ने सरिता को बताया कि वह शिलाई में ही उनके लौटने की प्रतीक्षा करे। पत्नी को क्या पता था कि उनका यह अंतिम मिलन होगा। जैसे ही सरिता को सड़क दुर्घटना की खबर मिली, वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद पत्नी को उसके पति की मौत की भी खबर मिल गई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि परिवार के मुखिया कंवर सिंह व उनका इकलौता बेटा अमित कुमार एक साथ दुनिया से अलविदा हो जाएंगे।
विज्ञापन
अमित अपने पीछे दो छोटे लड़के के साथ दो साल की एक बच्ची के अलावा पत्नी सरिता देवी, माता कम्मो देवी और तीन छोटी बहनों को छोड़ गया है। सभी परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। होश में आने के बाद परिवार वाले फिर से बेहोश हो रहे हैं।
विज्ञापन
परिजनों की हालत देख कर सांत्वना देने पहुंच रहे लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पता चला है कि कंवर सिंह की पहली पत्नी सीता देवी के जब कोई औलाद न हुई तो अपने पति कंवर सिंह के वंशज न होने से दुखी सीता देवी ने स्वयं ही पनधोग गांव जाकर एक लड़की कम्मो देवी से रिश्ता करवाकर पति का विवाह करवाया था। जब अमित पैदा हुआ तो उसकी प्रसन्नता का कोई ठिकाना नहीं रहा। सगी मां से भी ज्यादा सीता देवी ज्यादा लाड़ प्यार व देख रेख करती थी। उसको अपना बेटा ही मानती थी।
उधर, शिलाई के एसडीएम योगेश चौहान ने इस दुर्घटना पर दुख जताया है। स्थानीय प्रशासन ने फौरी राहत के रूप में मृतक के परिवार को दस हजार रुपये की राहत दी है।
--------------