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Sirmour News: अदालत 4
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चेक बाउंस मामले में आरोपी
दोषी करार, एक साल की सजा
- साल 2019 का मामला, सिंचाई टैंक के लिए दोषी ने बैंक से लिए थे 2 लाख रुपये
- न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी प्रेम सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने यह फैसला सुनाया। मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2019 को एचपी राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, राजगढ़ का है। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि उप-तहसील पझौता निवासी प्रेम सिंह ने मई महीने में सिंचाई टैंक निर्माण के लिए 2 लाख रुपये का ऋण लिया था। आरोपी ने नियमित रूप से किस्तों में ऋण राशि चुकाने का वचन दिया था, लेकिन आरोपी किस्तों का भुगतान करने में विफल रहा।
साल 2021 में आरोपी ने 85,729 रुपये बकाया राशि चुकाने के लिए पोस्ट डेटेड चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा और शिकायतकर्ता ने मामले को संदेह से परे सिद्ध किया।
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दोषी करार, एक साल की सजा
- साल 2019 का मामला, सिंचाई टैंक के लिए दोषी ने बैंक से लिए थे 2 लाख रुपये
- न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी प्रेम सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने यह फैसला सुनाया। मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2019 को एचपी राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, राजगढ़ का है। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि उप-तहसील पझौता निवासी प्रेम सिंह ने मई महीने में सिंचाई टैंक निर्माण के लिए 2 लाख रुपये का ऋण लिया था। आरोपी ने नियमित रूप से किस्तों में ऋण राशि चुकाने का वचन दिया था, लेकिन आरोपी किस्तों का भुगतान करने में विफल रहा।
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साल 2021 में आरोपी ने 85,729 रुपये बकाया राशि चुकाने के लिए पोस्ट डेटेड चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा और शिकायतकर्ता ने मामले को संदेह से परे सिद्ध किया।
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