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Sirmour News: चेक बाउंस में दोषी को तीन महीने की सजा
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास गुप्ता ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने चेक बाउंस मामले में देहरादून जिले के आशिक अली को दोषी ठहराते हुए तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, कंपनी को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास गुप्ता ने कहा कि मुआवजा राशि का भुगतान न करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शिकायतकर्ता नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जुलाई 2013 में आरोपी आशिक अली ने 5,70,000 रुपये में ट्रैक्टर खरीदा था। उसे महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस सर्विस लिमिटेड से वित्तपोषित करवाया था। आरोपी के आग्रह पर फर्म ने मार्जिन मनी के तौर पर 1,44,086 रुपये और रजिस्ट्रेशन व दस्तावेज शुल्क के लिए 5,000 रुपये जमा किए थे। बाद में आरोपी ने फर्म में 98,000 रुपये जमा किए, जबकि 51,086 रुपये की राशि बकाया रह गई। बकाया राशि चुकाने के लिए आरोपी ने एक चेक जारी किया। अगस्त 2015 में बैंक में प्रस्तुत करने पर पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके चलते सजा सुनाई गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने चेक बाउंस मामले में देहरादून जिले के आशिक अली को दोषी ठहराते हुए तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, कंपनी को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास गुप्ता ने कहा कि मुआवजा राशि का भुगतान न करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शिकायतकर्ता नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जुलाई 2013 में आरोपी आशिक अली ने 5,70,000 रुपये में ट्रैक्टर खरीदा था। उसे महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस सर्विस लिमिटेड से वित्तपोषित करवाया था। आरोपी के आग्रह पर फर्म ने मार्जिन मनी के तौर पर 1,44,086 रुपये और रजिस्ट्रेशन व दस्तावेज शुल्क के लिए 5,000 रुपये जमा किए थे। बाद में आरोपी ने फर्म में 98,000 रुपये जमा किए, जबकि 51,086 रुपये की राशि बकाया रह गई। बकाया राशि चुकाने के लिए आरोपी ने एक चेक जारी किया। अगस्त 2015 में बैंक में प्रस्तुत करने पर पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके चलते सजा सुनाई गई।
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