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प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूर्णतया कर्मचारी विरोधी : विनय गुप्ता
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प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों पर एक और कुठाराघात करके यह साबित कर दिया है कि यह सरकार पूर्णतया कर्मचारी विरोधी है। यह आरोप लगाते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार की ओर से कर्मचारियों के कल्याण के लिए जारी उस अधिसूचना को वापस ले लिया है, जिसके तहत कर्मचारियों को 2 वर्ष के कार्यकाल के बाद ग्रेड पे दिए जाने का प्रावधान था। प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में 10 से 15 हजार रुपये तक का इजाफा हो गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी इस तुगलकी फरमान से अब राज्य की 89 श्रेणियों के कर्मचारियों का वेतन दोबारा से निर्धारित होगा। प्रत्येक कर्मचारी के मासिक वेतन में 10 हजार से 15 हजार रुपये कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि फरमान ने कर्मचारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों कर्मचारियों का वेतन घटाया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में कहां तो इस सरकार को कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार के इस फरमान से कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है।
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-- -संवाद
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नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों पर एक और कुठाराघात करके यह साबित कर दिया है कि यह सरकार पूर्णतया कर्मचारी विरोधी है। यह आरोप लगाते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार की ओर से कर्मचारियों के कल्याण के लिए जारी उस अधिसूचना को वापस ले लिया है, जिसके तहत कर्मचारियों को 2 वर्ष के कार्यकाल के बाद ग्रेड पे दिए जाने का प्रावधान था। प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में 10 से 15 हजार रुपये तक का इजाफा हो गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी इस तुगलकी फरमान से अब राज्य की 89 श्रेणियों के कर्मचारियों का वेतन दोबारा से निर्धारित होगा। प्रत्येक कर्मचारी के मासिक वेतन में 10 हजार से 15 हजार रुपये कमी आएगी।
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उन्होंने कहा कि फरमान ने कर्मचारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों कर्मचारियों का वेतन घटाया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में कहां तो इस सरकार को कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार के इस फरमान से कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है।
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