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Sirmour News: बदलते मौसम में वायरल फीवर और संक्रमण की चपेट में नौनिहाल
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मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी में बच्चों को लेकर उपचार के लिए इंतजार करते परिजन। संवाद
लाइव............
मेडिकल कॉलेज नाहन में लग रही हैं मरीजों की लाइनें, डॉक्टर बोले-बदलते मौसम में बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं
मौसम में परिवर्तन से बच्चे कफ, कोल्ड के भी हो रहे शिकार
चिकित्सकों की उपचार के साथ मास्क का प्रयोग करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। समय : पूर्वाह्न 11:00 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज नाहन की बाल ओपीडी। यहां पर परिजन अपने बच्चों को लेकर उपचार के लिए खड़े हैं। किसी बच्चे को बुखार की शिकायत है तो किसी को खांसी और उल्टी।
बागथन के सतपाल ने बताया कि उनके बेटे को दो दिन से बुखार की शिकायत है। वह आज उपचार के लिए यहां आए हैं। राहौर की प्रियंका ने बताया कि वह तीन वर्षीय बेटी को खांसी और बुखार के चलते इलाज के लिए लाई हैं। यहां पर काफी देर से लाइन में लगी हैं।
दोपहर 12:20 बजे मेडिकल कॉलेज के बाल वार्ड में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी बच्चों का उपचार कर रहे थे। बाल वार्ड में अधिकतर बच्चे, कफ, कोल्ड और बुखार के उपचाराधीन हैं। सैनधार के अजय ने बताया कि उनके सात वर्षीय बेटे को तीन दिन पहले बुखार और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती करवना पड़ा। उन्होंने कहा कि बच्चा खाना भी ठीक से नहीं खा रहा था। वे चेकअप के लिए बच्चे को अस्पताल लाए तो, चिकित्सकों ने हालत खराब होने के चलते दाखिल कर लिया।
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मेडिकल कॉलेज के बाल विभाग के एचओडी डॉ. दिनेश बिष्ट ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते बुखार और संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। इनमें छोटे बच्चों की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया कि दवाइयों के साथ-साथ अन्य सावधानियां भी बरतें। सभी मास्क पहनें। बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं। साफ-सफाई रखें। बीमार व्यक्ति से बच्चों की दूरी बनाकर रखें। ठंडा पानी, आइसक्रीम, शीतल पेय पदार्थ का सेवन न करने दें। घर से बाहर निकलें तो मास्क का इस्तेमाल करें।
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110 तक पहुंची मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी
डॉक्टरों का कहा है कि मौसम में आ रहे परिर्वतन के चलते वायरल फीवर और संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन की बाल ओपीडी में रोगियों की संख्या 110 तक पहुंच रही है। शिशु वार्ड में भी दाखिल नौनिहालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकतर बच्चे, सांस, बुखार, खांसी और कोल्ड के चलते उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
सुबह-शाम ठंड और दिन के समय गर्मी होने से तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव से बच्चे बीमार हो रहे हैं। विशेषज्ञ बाल चिकित्सक ओपीडी में बच्चों की जांच कर उन्हें दवाइयों के साथ उचित परामर्श और मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं। वहीं सांस और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को शिशु वार्ड में दाखिल कर उनका उपचार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में नाहन के अलावा जिले के अन्य इलाकों से मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज नाहन में लग रही हैं मरीजों की लाइनें, डॉक्टर बोले-बदलते मौसम में बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं
मौसम में परिवर्तन से बच्चे कफ, कोल्ड के भी हो रहे शिकार
चिकित्सकों की उपचार के साथ मास्क का प्रयोग करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। समय : पूर्वाह्न 11:00 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज नाहन की बाल ओपीडी। यहां पर परिजन अपने बच्चों को लेकर उपचार के लिए खड़े हैं। किसी बच्चे को बुखार की शिकायत है तो किसी को खांसी और उल्टी।
बागथन के सतपाल ने बताया कि उनके बेटे को दो दिन से बुखार की शिकायत है। वह आज उपचार के लिए यहां आए हैं। राहौर की प्रियंका ने बताया कि वह तीन वर्षीय बेटी को खांसी और बुखार के चलते इलाज के लिए लाई हैं। यहां पर काफी देर से लाइन में लगी हैं।
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दोपहर 12:20 बजे मेडिकल कॉलेज के बाल वार्ड में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी बच्चों का उपचार कर रहे थे। बाल वार्ड में अधिकतर बच्चे, कफ, कोल्ड और बुखार के उपचाराधीन हैं। सैनधार के अजय ने बताया कि उनके सात वर्षीय बेटे को तीन दिन पहले बुखार और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती करवना पड़ा। उन्होंने कहा कि बच्चा खाना भी ठीक से नहीं खा रहा था। वे चेकअप के लिए बच्चे को अस्पताल लाए तो, चिकित्सकों ने हालत खराब होने के चलते दाखिल कर लिया।
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मेडिकल कॉलेज के बाल विभाग के एचओडी डॉ. दिनेश बिष्ट ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते बुखार और संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। इनमें छोटे बच्चों की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया कि दवाइयों के साथ-साथ अन्य सावधानियां भी बरतें। सभी मास्क पहनें। बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं। साफ-सफाई रखें। बीमार व्यक्ति से बच्चों की दूरी बनाकर रखें। ठंडा पानी, आइसक्रीम, शीतल पेय पदार्थ का सेवन न करने दें। घर से बाहर निकलें तो मास्क का इस्तेमाल करें।
110 तक पहुंची मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी
डॉक्टरों का कहा है कि मौसम में आ रहे परिर्वतन के चलते वायरल फीवर और संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन की बाल ओपीडी में रोगियों की संख्या 110 तक पहुंच रही है। शिशु वार्ड में भी दाखिल नौनिहालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकतर बच्चे, सांस, बुखार, खांसी और कोल्ड के चलते उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
सुबह-शाम ठंड और दिन के समय गर्मी होने से तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव से बच्चे बीमार हो रहे हैं। विशेषज्ञ बाल चिकित्सक ओपीडी में बच्चों की जांच कर उन्हें दवाइयों के साथ उचित परामर्श और मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं। वहीं सांस और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को शिशु वार्ड में दाखिल कर उनका उपचार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में नाहन के अलावा जिले के अन्य इलाकों से मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी में बच्चों को लेकर उपचार के लिए इंतजार करते परिजन। संवाद