फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   chalda mahasu maharaj

Sirmour News: चालदा महासू महाराज के आगमन से पहले मशक में तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं में उत्साह

Wed, 22 Jul 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
chalda mahasu maharaj
उत्तराखंड के मशक में तैयार किया जा रहा चालदा महासू महाराज का मंदिर। संवाद
-नवंबर-दिसंबर में संभावित आगमन की चर्चा, अंतिम निर्णय देव आज्ञा और मंदिर समिति की घोषणा के बाद
विज्ञापन

-नव-निर्मित मंदिर परिसर को दिया जा रहा अंतिम रूप, स्वागत की तैयारियों में जुटे ग्रामीण और श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
रोनहाट (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री चालदा महासू महाराज के संभावित आगमन को लेकर उत्तराखंड के चकराता तहसील के ग्राम मशक में धार्मिक तैयारियां तेज हो गई हैं। गांव में उत्साह का माहौल है और नव-निर्मित मंदिर परिसर को अंतिम रूप देने के साथ श्रद्धालु भी महाराज के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि, मंदिर समिति ने अभी तक महाराज के आगमन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। परंपरा के अनुसार अंतिम निर्णय देव आज्ञा के बाद ही लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, श्री चालदा महासू महाराज 15 दिसंबर 2025 को प्रातः लगभग चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में हिमाचल प्रदेश के शिलाई क्षेत्र स्थित पश्मी मंदिर में विराजमान हुए थे। धार्मिक परंपरा के अनुसार महाराज एक वर्ष तक एक ही स्थान पर विराजमान रहते हैं और इसके बाद अगले निर्धारित स्थान के लिए प्रस्थान करते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष नवंबर-दिसंबर 2026 में उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के ग्राम मशक में महाराज के आगमन की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन

संभावित आगमन को देखते हुए ग्राम मशक में नव-निर्मित चालदा महासू महाराज मंदिर परिसर को सजाने-संवारने का कार्य तेजी से चल रहा है। स्थानीय ग्रामीण, मंदिर समिति और श्रद्धालु मिलकर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि महाराज के आगमन पर हजारों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंदिर समिति के अध्यक्ष फतह सिंह और उपाध्यक्ष भूप सिंह ने बताया कि अभी तक महाराज के पश्मी से प्रस्थान और मशक आगमन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया देव आज्ञा और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के अनुसार ही संपन्न होगी। समिति ने श्रद्धालुओं से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार करने की अपील की है।

उधर, शिलाई क्षेत्र के पश्मी मंदिर में भी इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाराज के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अब सभी की निगाहें देव आज्ञा और मंदिर समिति की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। यदि परंपरा के अनुरूप निर्णय होता है तो वर्ष के अंत में ग्राम मशक भव्य धार्मिक आयोजन और विशाल श्रद्धालु समागम का साक्षी बनेगा।-----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed