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चुनाव आयोग की बदौलत सीएम बने सुक्खू, धरना देना है तो पहले इस्तीफा दें : बिंदल
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नाहन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ राजीव बिंदल। संवाद
-कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनाव आयोग को बदनाम करने का लगाया आरोप
बोले- चार साल में सरकार ने जनता पर डाला 45 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव आयोग की बदौलत ही मुख्यमंत्री बने हैं। यदि उन्हें सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करना है तो पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने यह बात शनिवार को नाहन में पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनाव आयोग को बदनाम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना चाहती है तो चुनाव जीतकर आए। कांग्रेस और राहुल गांधी देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें देश में अशांति फैलाने के लिए कांग्रेस को फंडिंग कर रही हैं। बिंदल ने कांग्रेस पर देश को बांग्लादेश बनाने की दिशा में ले जाने का आरोप भी लगाया।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों में जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। डीजल और पेट्रोल पर सात रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त वैट लगाने के बाद अब तीन रुपये प्रति लीटर सेस का बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया और विभिन्न करों और महंगाई के जरिये जनता पर भी लगभग 45 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतना कर्ज लेने और जनता से वसूली के बावजूद पैसा कहां खर्च हुआ।
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बिंदल ने कहा कि राशन डिपो में मिलने वाली दालों, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं। कई वस्तुओं की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। एफिडेविट और एग्रीमेंट से जुड़े स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी से आम लोगों पर 500 से 1000 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत देने के बजाय महंगाई के झटके दिए हैं। जनता सरकार से चार साल का हिसाब मांग रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।
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इनसेट
संगोष्ठी को किया संबोधित
नाहन। इससे पहले डॉ. बिंदल ने जिला भाजपा कार्यालय नाहन में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार चौथे वर्ष में है और विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने, महंगाई बढ़ाने और विकास कार्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
बिंदल ने बताया कि रविवार को शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जन आक्रोश पदयात्रा निकाली जाएगी। चार नवंबर को हमीरपुर में सांसद अनुराग ठाकुर और उनके नेतृत्व में रैली होगी, जबकि इसी दिन मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में जन आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। इनमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। संवाद-- -
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बोले- चार साल में सरकार ने जनता पर डाला 45 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव आयोग की बदौलत ही मुख्यमंत्री बने हैं। यदि उन्हें सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करना है तो पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने यह बात शनिवार को नाहन में पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनाव आयोग को बदनाम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना चाहती है तो चुनाव जीतकर आए। कांग्रेस और राहुल गांधी देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें देश में अशांति फैलाने के लिए कांग्रेस को फंडिंग कर रही हैं। बिंदल ने कांग्रेस पर देश को बांग्लादेश बनाने की दिशा में ले जाने का आरोप भी लगाया।
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प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों में जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। डीजल और पेट्रोल पर सात रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त वैट लगाने के बाद अब तीन रुपये प्रति लीटर सेस का बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया और विभिन्न करों और महंगाई के जरिये जनता पर भी लगभग 45 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतना कर्ज लेने और जनता से वसूली के बावजूद पैसा कहां खर्च हुआ।
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बिंदल ने कहा कि राशन डिपो में मिलने वाली दालों, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं। कई वस्तुओं की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। एफिडेविट और एग्रीमेंट से जुड़े स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी से आम लोगों पर 500 से 1000 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत देने के बजाय महंगाई के झटके दिए हैं। जनता सरकार से चार साल का हिसाब मांग रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।
इनसेट
संगोष्ठी को किया संबोधित
नाहन। इससे पहले डॉ. बिंदल ने जिला भाजपा कार्यालय नाहन में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार चौथे वर्ष में है और विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने, महंगाई बढ़ाने और विकास कार्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
बिंदल ने बताया कि रविवार को शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जन आक्रोश पदयात्रा निकाली जाएगी। चार नवंबर को हमीरपुर में सांसद अनुराग ठाकुर और उनके नेतृत्व में रैली होगी, जबकि इसी दिन मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में जन आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। इनमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। संवाद