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Sirmour News: नाहन में 19 जुलाई को निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ की 18वीं रथयात्रा
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नाहन में प्रेसवार्ता को संबोधित करते भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा मंडल के अध्यक्ष एवं अन्य पदाध
सचित्र-- प्रेसवार्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। उत्तर भारत के सबसे प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर नाहन से रविवार, 19 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की 18वीं रथ यात्रा निकाली जाएगी। नाहन में प्रेसवार्ता के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा मंडल नाहन के अध्यक्ष प्रकाश बंसल और महासचिव भुवन जोशी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस भव्य आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। श्री जगन्नाथ मंदिर में 10 जुलाई से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जो कि 16 जुलाई को पूर्ण होगी। 17 से 19 जुलाई तक विग्रहों की पूजा होगी। जबकि 18 जुलाई को संकीर्तन किया जाएगा। रविवार, 19 जुलाई को विग्रहों की पूजा करने के बाद नाहन के चौगान मैदान से रथयात्रा को आरंभ किया जाएगा। इसका रूट चौगान मैदान से मालरोड़, गुन्नुघाट, रानीताल, कच्चा टैंक, शीतला माता मंदिर, श्री रघुनाथ मंदिर और उसके बाद वापस श्री जगन्नाथ मंदिर रहेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12 क्विंटल देसी घी से भगवान के लिए 56 भोग तैयार किए जा रहे हैं। करीब 1 लाख 25 हजार रुपये की लागत से तैयार किया जा रहे छप्पन भोग को 56 टोकरियों में सजाकर मंदिर परिसर में भोग लगाया जाएगा, जबकि 56 ही टोकरियों में चौगान मैदान में भगवान को भोग अर्पण किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में रथ यात्रा मंडल समिति के महासचिव भुवन चंद्र जोशी, प्रधान पुजारी जगदीश शास्त्री और मीडिया प्रभारी गुरमुख सिंह भी उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। उत्तर भारत के सबसे प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर नाहन से रविवार, 19 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की 18वीं रथ यात्रा निकाली जाएगी। नाहन में प्रेसवार्ता के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा मंडल नाहन के अध्यक्ष प्रकाश बंसल और महासचिव भुवन जोशी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस भव्य आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। श्री जगन्नाथ मंदिर में 10 जुलाई से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जो कि 16 जुलाई को पूर्ण होगी। 17 से 19 जुलाई तक विग्रहों की पूजा होगी। जबकि 18 जुलाई को संकीर्तन किया जाएगा। रविवार, 19 जुलाई को विग्रहों की पूजा करने के बाद नाहन के चौगान मैदान से रथयात्रा को आरंभ किया जाएगा। इसका रूट चौगान मैदान से मालरोड़, गुन्नुघाट, रानीताल, कच्चा टैंक, शीतला माता मंदिर, श्री रघुनाथ मंदिर और उसके बाद वापस श्री जगन्नाथ मंदिर रहेगा।
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उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12 क्विंटल देसी घी से भगवान के लिए 56 भोग तैयार किए जा रहे हैं। करीब 1 लाख 25 हजार रुपये की लागत से तैयार किया जा रहे छप्पन भोग को 56 टोकरियों में सजाकर मंदिर परिसर में भोग लगाया जाएगा, जबकि 56 ही टोकरियों में चौगान मैदान में भगवान को भोग अर्पण किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में रथ यात्रा मंडल समिति के महासचिव भुवन चंद्र जोशी, प्रधान पुजारी जगदीश शास्त्री और मीडिया प्रभारी गुरमुख सिंह भी उपस्थित रहे।
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