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आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्थायी नीति और उचित मानदेय प्रदान करे सरकार
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पांवटा साहिब में एसडीएम को ज्ञापन सौंपतीं आशा कार्यकर्ता।
- फोटो : NAHAN
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पांवटा साहिब में सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली। बद्रीपुर चौक से वाई प्वाइंट मुख्य बाजार होकर लघु सचिवालय तक सरकार के खिलाफ रोष तक रैली निकाली गई। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं को स्थायी पॉलिसी का गठन और अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि शीघ्र प्रदान करने की मांग रखी गई।
शनिवार को आशा कार्यकर्ताओं की बद्रीपुर में बैठक हुई। बैठक में इंटक जिलाध्यक्ष सुभाष चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को उचित मानदेय मिलना जरूरी है। कोविड महामारी में आशा कार्यकर्ताओं ने मामूली मानदेय के बावजूद बेहतरीन कार्य किया है। केंद्र और राज्य सरकारों को इनकी मांगों को प्राथमिकता पर रखना होगा।
आशा कार्यकर्ता पांवटा इकाई की अध्यक्ष राजबाला और ऊषा ने कहा कि शीघ्र सरकार आशा कार्यकर्ताओं को ठोस और स्थायी पॉलिसी का गठन करें। अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि शीघ्र प्रदान करें, निजी डिलिवरी की प्रोत्साहन राशि मिले, आशा कार्यकर्ताओं को कम से कम 18 हजार मानदेय मिले। हिमाचल सरकार ने जनवरी में एक हजार, अप्रैल व मई में 1500 व 750 रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन यह राशि नहीं मिल पाई है। कोविड-19 वैक्सीन का इंसेटिव मिले, गर्भवती महिला चैकअप का 150 रुपये लाभांश मिले।
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इस दौरान पांवटा इकाई की अध्यक्ष राजबाला, महिेंद्रों, बबली, रीना, ऊषा, गुरशरण, मंजू, मीरा, कमलेश, सुमन, प्रेमलता, सत्या, संतोष, कनीज, अमिता, मोंटी, सरोज, दया, सीमा, निर्मला, बक्शों, संगीता, आशा, कर्मजीत कौर, सपना, वीना, साबरी, किरनवाला, अमनरीन, कमला, पिंकी, रजनी, तेज कौर और परमजीत कौर शामिल रहीं।
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शनिवार को आशा कार्यकर्ताओं की बद्रीपुर में बैठक हुई। बैठक में इंटक जिलाध्यक्ष सुभाष चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को उचित मानदेय मिलना जरूरी है। कोविड महामारी में आशा कार्यकर्ताओं ने मामूली मानदेय के बावजूद बेहतरीन कार्य किया है। केंद्र और राज्य सरकारों को इनकी मांगों को प्राथमिकता पर रखना होगा।
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आशा कार्यकर्ता पांवटा इकाई की अध्यक्ष राजबाला और ऊषा ने कहा कि शीघ्र सरकार आशा कार्यकर्ताओं को ठोस और स्थायी पॉलिसी का गठन करें। अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि शीघ्र प्रदान करें, निजी डिलिवरी की प्रोत्साहन राशि मिले, आशा कार्यकर्ताओं को कम से कम 18 हजार मानदेय मिले। हिमाचल सरकार ने जनवरी में एक हजार, अप्रैल व मई में 1500 व 750 रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन यह राशि नहीं मिल पाई है। कोविड-19 वैक्सीन का इंसेटिव मिले, गर्भवती महिला चैकअप का 150 रुपये लाभांश मिले।
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इस दौरान पांवटा इकाई की अध्यक्ष राजबाला, महिेंद्रों, बबली, रीना, ऊषा, गुरशरण, मंजू, मीरा, कमलेश, सुमन, प्रेमलता, सत्या, संतोष, कनीज, अमिता, मोंटी, सरोज, दया, सीमा, निर्मला, बक्शों, संगीता, आशा, कर्मजीत कौर, सपना, वीना, साबरी, किरनवाला, अमनरीन, कमला, पिंकी, रजनी, तेज कौर और परमजीत कौर शामिल रहीं।

उत्तराखंड राज्य सीमा पर बाहरी राज्यों के वाहनों की जांच करती पांवटा पुलिस।- फोटो : NAHAN