फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   animal casr training program in ponta

Sirmour News: पांवटा साहिब में पशु चिकित्सकों को पशुरोग निगरानी, नमूना संग्रहण का दिया प्रशिक्षण

Tue, 21 Jul 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
animal casr training program in ponta
पांवटा साहिब उपमंडल के पशु चिकित्सकों एवं कर्मचारी एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते ह
एफएमडी, पीपीआर, एवियन इन्फ्लुएंजा और एएसएफ जैसी बीमारियों की समय पर पहचान पर जोर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पशुओं में संक्रामक रोगों की समय रहते पहचान और नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से पांवटा साहिब उपमंडल के पशु चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए पशुरोग निगरानी, सीरोसर्विलांस और वैज्ञानिक नमूना संग्रहण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में पांवटा साहिब उपमंडल के पशु चिकित्सा अधिकारियों और क्षेत्रीय पशु चिकित्सा कर्मचारियों ने भाग लिए। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने खुरपका-मुंहपका रोग , पीपीआर, एवियन इन्फ्लुएंजा और अफ्रीकी स्वाइन फीवर जैसे घातक संक्रामक रोगों की निगरानी, सीरोमॉनिटरिंग और प्रयोगशाला जांच के लिए वैज्ञानिक तरीके से नमूना संग्रहण, संरक्षण, पैकेजिंग और सुरक्षित परिवहन की विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन

बताया गया कि भारत में एफएमडी नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सीरोमॉनिटरिंग और मानकीकृत सैंपलिंग रोग नियंत्रण का अहम हिस्सा है। रोगों की शीघ्र पहचान, समय पर सूचना प्रेषण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. आरुषि कंवर, पशु चिकित्सा अधिकारी नाहन ने प्रतिभागियों को रक्त, सीरम और अन्य जैविक नमूनों के सही संग्रहण, बायोसिक्योरिटी, व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों और नमूनों की गुणवत्ता बनाए रखने की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार नमूनों को प्रयोगशालाओं तक भेजने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
डॉ. अमित महाजन, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, उपमंडलीय पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब ने कहा कि पशुधन में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए रोग निगरानी, नियमित टीकाकरण, सीरोमॉनिटरिंग और वैज्ञानिक नमूना संग्रहण जरूरी हैं। ऐसे प्रशिक्षण तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने में मदद करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में रोगों की शीघ्र पहचान और नियंत्रण में मदद मिलेगी। प्रशिक्षकों ने सभी से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर पशुपालकों को बेहतर सेवाएं देने का आह्वान किया।---------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed