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प्रदेश में छात्र संघ चुनाव को बहाल किया जाए : एबीवीपी
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एबीवीपी पांवटा में हस्ताक्षर अभियान शुरु करती हुई: स्त्रोत: छात्र संगठन
- फोटो : -रोडवेज के बाहर सवारियों के इंतजार में खड़े ई-रिक्शा व ऑटो।
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प्रदेश में छात्र संघ चुनाव को बहाल किया जाए : एबीवीपी
एबीवीपी पांवटा इकाई ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
छात्र विरोधी नीतियों को खिलाफ उग्र आंदोलन की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पांवटा साहिब इकाई ने प्रदेश सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था व शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दखल बंद करने की मांग उठाई जा रही है। सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी छात्र संगठन दे रहा है।
पांवटा इकाई के अध्यक्ष वंश भंडारी ने कहा कि यदि प्रदेश की सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो विद्यार्थी परिषद की ओर से पूरे प्रांत भर में उग्र आंदोलन की तैयारी कर ली गई है। एबीवीपी की प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं, शिक्षक और गैर शिक्षक भर्ती शीघ्र की जाए, हिमाचल यूनिवर्सिटी और सीएसके पालमपुर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की जाए। प्रदेश में बिगड़ती क़ानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए व शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दखल बंद किया जाए। विद्यार्थी परिषद सरकार को चेतावनी देती है कि छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। इस दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संवाद
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एबीवीपी पांवटा इकाई ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
छात्र विरोधी नीतियों को खिलाफ उग्र आंदोलन की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पांवटा साहिब इकाई ने प्रदेश सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था व शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दखल बंद करने की मांग उठाई जा रही है। सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी छात्र संगठन दे रहा है।
पांवटा इकाई के अध्यक्ष वंश भंडारी ने कहा कि यदि प्रदेश की सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो विद्यार्थी परिषद की ओर से पूरे प्रांत भर में उग्र आंदोलन की तैयारी कर ली गई है। एबीवीपी की प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं, शिक्षक और गैर शिक्षक भर्ती शीघ्र की जाए, हिमाचल यूनिवर्सिटी और सीएसके पालमपुर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की जाए। प्रदेश में बिगड़ती क़ानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए व शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दखल बंद किया जाए। विद्यार्थी परिषद सरकार को चेतावनी देती है कि छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। इस दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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