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महासभा के गठन पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी
Sirmour
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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धौलाकु आं (सिरमौर)। क्षेत्रीय धृत बाहती चाहंग महासभा ने कुछ राजनीति से जुडे़ लोगों की और से अवैध महासभा के गठन पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। महासभा ने कहा कि अगर गैर कानूनी महासभा को भंग नहीं किया गया तो वर्षों से संचालित महासभा कार्रवाई करेगी।
पांवटा में आयोजित बैठक की अध्यक्षता में नंद लाल परवाल ने बताया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने राजनीति का फायदा उठाने के लिए धृत बाहती चाहंग महासभा के नाम से गठित करके भोले-भाले लोगोें से महासभा के नाम पर हजारों रुपये का धन इकट्ठा किया है। जबकि पूर्व से संचालित महासभा का पंजीकरण काफी समय पहले हो चुका है।
उन्होंने बताया कि महासभा का उद्देश्य समाज की बुराइयों को दूर करना और नशाखोरी व दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को खत्म करना है, न कि इसको केवल राजनीति उपयोग के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि महासभा का गठन राष्ट्रीय स्तर पर है तथा इसमें समाज के सभी राजनीति दलों के लोगों को बराबर सम्मान दिया जाता है। गत वर्ष यहां के मात्र एक ही राजनीतिक पार्टी के नेताओें ने न केवल अवैध महासभा का गठन कर समाज को दो फाड़ किया है, बल्कि इसके साथ अवैध तरीके से महासभा के नाम पर रसीद बुक छपवा कर पैसे इकट्ठे भी किए हैं।
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महासभा ने कहा कि एक माह के समय में अगर अवैध महासभा को भंग नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में समाज के भाजपा सीपीएस सुखराम चौधरी ने बताया कि समाज के कुछ लोगों में आपसी मतभेद थे। शीघ्र ही दोनों पक्षों को बैठा कर सभी को एकजुट किया जाएगा। बैठक में मदन, नरेश, गोपाल चंद, चरण चौधरी, सुनीता चौधरी, चतर सिंह, नरेश चंद, रामपाल, माया राम व ताराचंद आदि उपस्थित थे।
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पांवटा में आयोजित बैठक की अध्यक्षता में नंद लाल परवाल ने बताया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने राजनीति का फायदा उठाने के लिए धृत बाहती चाहंग महासभा के नाम से गठित करके भोले-भाले लोगोें से महासभा के नाम पर हजारों रुपये का धन इकट्ठा किया है। जबकि पूर्व से संचालित महासभा का पंजीकरण काफी समय पहले हो चुका है।
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उन्होंने बताया कि महासभा का उद्देश्य समाज की बुराइयों को दूर करना और नशाखोरी व दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को खत्म करना है, न कि इसको केवल राजनीति उपयोग के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि महासभा का गठन राष्ट्रीय स्तर पर है तथा इसमें समाज के सभी राजनीति दलों के लोगों को बराबर सम्मान दिया जाता है। गत वर्ष यहां के मात्र एक ही राजनीतिक पार्टी के नेताओें ने न केवल अवैध महासभा का गठन कर समाज को दो फाड़ किया है, बल्कि इसके साथ अवैध तरीके से महासभा के नाम पर रसीद बुक छपवा कर पैसे इकट्ठे भी किए हैं।
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महासभा ने कहा कि एक माह के समय में अगर अवैध महासभा को भंग नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में समाज के भाजपा सीपीएस सुखराम चौधरी ने बताया कि समाज के कुछ लोगों में आपसी मतभेद थे। शीघ्र ही दोनों पक्षों को बैठा कर सभी को एकजुट किया जाएगा। बैठक में मदन, नरेश, गोपाल चंद, चरण चौधरी, सुनीता चौधरी, चतर सिंह, नरेश चंद, रामपाल, माया राम व ताराचंद आदि उपस्थित थे।