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70 फीसदी घटी किन्नू की पैदावार
Sirmour
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा क्षेत्र में मौसम की मार पड़ने से इस साल किन्नू फसल की 70 प्रतिशत पैदावार कम हुई है। इस कारण बागवानों के लिए किन्नू उत्पादन घाटे का सौदा साबित हुआ है। धौलकुआं के दर्जनों बागवान किन्नू से हर साल लाखोें रुपये की आय जुटा लेते थे। इस साल मौसम की मार से किन्नू की पैदावार में भारी घाटा सहन करना पड़ा हैैैैै।
बागवान भूराराम, नरेश कुमार और जयचंद ने बताया कि इस साल किन्नू के पौधाें पर फूल आने के समय पर खुश्क मौसम के चलते 50 प्रतिशत फूल खत्म हो चुका था। बरसात भी एक माह देर से आने के कारण शेष बचे फल छोटे आकार में ही झड़ने शुरू हो गए। इसके चलते किन्नू के बगीचों में 30 प्रतिशत फल ही बचे हैं। किन्नू का आकार छोटा पड़ने पर खरीदार भी मुुंह मोड़ने लगे है। बागवानों का कहना है कि दशकों पूर्व से फल दे रहे पुराने बगीचों मेें बूढ़े पेड़ होने के कारण साल दर साल किन्नू की आय घटने से बागवानोें को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उद्यान विभाग के वैज्ञानिक प्रभारी एसटीओ एके जोशी ने बताया कि समय पर बारिश न होने से किन्नू की पैदावार कम हुई हैैै।
इनसेट
नहीं मिल पाए खरीदार : जोशी
धौलकुआं के उद्यान विभाग के बगीचों में फल न होने के कारण इस साल किन्नू के बगीचोें की नीलामी नहीं हो पाई। विभाग ने किन्नू की नीलामी की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। बोली दाताओं ने पिछले साल किन्नू की 4.70 लाख की बोली लगाकर इसकी खरीद की थी। इस साल मात्र 60 हजार की बोली लगाकर भी खरीदार नहीं आए। वैज्ञानिक प्रभारी डा. एके जोशी ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल चार लाख का घाटा होने से किन्नू की नीलामी नहीं हुई है। विभाग की लाख कोशिशोें के बाद भी किन्नू की पैदावार अच्छी नहीं रही। मौसम की मार से पैदावार में भारी गिरावट आई है।
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बागवान भूराराम, नरेश कुमार और जयचंद ने बताया कि इस साल किन्नू के पौधाें पर फूल आने के समय पर खुश्क मौसम के चलते 50 प्रतिशत फूल खत्म हो चुका था। बरसात भी एक माह देर से आने के कारण शेष बचे फल छोटे आकार में ही झड़ने शुरू हो गए। इसके चलते किन्नू के बगीचों में 30 प्रतिशत फल ही बचे हैं। किन्नू का आकार छोटा पड़ने पर खरीदार भी मुुंह मोड़ने लगे है। बागवानों का कहना है कि दशकों पूर्व से फल दे रहे पुराने बगीचों मेें बूढ़े पेड़ होने के कारण साल दर साल किन्नू की आय घटने से बागवानोें को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उद्यान विभाग के वैज्ञानिक प्रभारी एसटीओ एके जोशी ने बताया कि समय पर बारिश न होने से किन्नू की पैदावार कम हुई हैैै।
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नहीं मिल पाए खरीदार : जोशी
धौलकुआं के उद्यान विभाग के बगीचों में फल न होने के कारण इस साल किन्नू के बगीचोें की नीलामी नहीं हो पाई। विभाग ने किन्नू की नीलामी की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। बोली दाताओं ने पिछले साल किन्नू की 4.70 लाख की बोली लगाकर इसकी खरीद की थी। इस साल मात्र 60 हजार की बोली लगाकर भी खरीदार नहीं आए। वैज्ञानिक प्रभारी डा. एके जोशी ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल चार लाख का घाटा होने से किन्नू की नीलामी नहीं हुई है। विभाग की लाख कोशिशोें के बाद भी किन्नू की पैदावार अच्छी नहीं रही। मौसम की मार से पैदावार में भारी गिरावट आई है।
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